Neha Bhasin को हुई गंभीर बीमारी, 10 किलो बढ़ा वजन, अंधेरे में बैठकर बहाती हैं आंसू, उठना-बैठना भी हुआ दुश्वार!

Neha Bhasin On Her Disorder: बिग बॉस ओटीटी कंटेस्टेंट और सिंगर नेहा भसीन आए दिन अपने बढ़े वजन के कारण चर्चा में आ जाती हैं। वो काफी समय से बढ़े वजन से जूझ रही हैं लेकिन हाल ही में उन्होंने इसका कारण भी बताया।
15 दिन उठ भी नहीं पातीं Neha Bhasin
नेहा भसीन ने बताया कि वो प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (पीएमडीडी) से जूझ रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने स्वास्थ्य के बारे में एक लंबा नोट शेयर किया और बताया कि वह अपनी टीनेज से ही इस बीमारी से पीड़ित हैं। 2022 में, भसीन को कम प्रोजेस्टेरोन का पता चला, जिसकी वजह से उनके लिए हर महीने 15 दिन "उठना और जीना" मुश्किल हो जाता है।
एंटी डिप्रेसेंट की वजह से बढ़ा वजन
नेहा ने लिखा, "मैंने पहली बार 10 किलो वजन बढ़ाया और मैं पहले से ही बॉडी डिमॉर्फिया से भी ग्रसित हूं और मैं बार-बार खाना खाने की आदत से ठीक हो रही थी। लेकिन फिर एंटी डिप्रेसेंट की वजह से मेरा वजन और बढ़ने लगा। मैं दिन में 10 घंटे अकेले अंधेरे में बैठी रहती थी। अब मैं बेहतर हो रही हूं। मेरे पास मदद है और मेरे बुरे दिन भी आते हैं लेकिन मैं इससे निपटना और उम्मीद करना सीख रही हूं।"
खुशियां होने लगीं बर्बाद
उन्होंने कहा, "मुझे सड़क पर, कैफे में, जिम जाते समय पैप्स ने स्पॉट किया। मैं अपनी शक्ल देखकर ही घिन करने लगी। मुझे लगातार अपनी बॉडी को लेकर शर्मिंदगी महसूस कराई गई। उन्होंने कहा कि वह जिम जाती है, लेकिन यह भी काम नहीं कर रहा है। मैं बस उदास थी और शरीर में लगातार दर्द रहता था। अगर मैं नहीं चलती तो जिम में बैठकर रोती थी। मेरे शरीर में डोपामाइन और सेरोटोनिन के लेवल कम हो जाते थे। अगर मैं ज्यादा चलती तो मुझे ऐंठन और थकान हो जाती थी।"
इस साल तो हालत और भी खराब हुई
सिंगर ने बताया कि वह एक साल से इस बीमारी जूझ रही हैं और उन्हें लगता था कि वह इससे उबर नहीं पाएंगी। "2024 में मेरी हालत सबसे खराब हो गई। मैं अलग-थलग पड़ गई, म्यूजिक, जिंदगी और यहां तक कि दोस्तों में मेरी इच्छा और खुशी खत्म हो गई। मैंने थेरेपिस्ट बदले, मैंने योग प्राणायाम किया, मैंने काम करना बंद कर दिया लेकिन मैं जहां भी गई, पीएमडीडी का दानव हर जगह था।"
आभार व्यक्त करते हुए भसीन ने बताया कि अब उन्हें जो मदद मिल रही है, उससे उन्हें अच्छा महसूस हो रहा है। हालांकि अभी भी उनके बुरे दिन आते हैं, लेकिन वे 'सामना करना और उम्मीद करना' सीख रही हैं।


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