आनन फानन में हुई थी सगाई: नीतू सिंह

मैं बचपन में काफी शरारती और चुलबुली किस्म की थी.
शूटिंग देखने के दौरान ही किसी ने कहा कि फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं शुरुआत में बात आई गई हो गई लेकिन फिर मैंने बाल कलाकार के रुप में पहली फिल्म की सूरज लेकिन मुझे असली पहचान मिली दो कलियां फिल्म से। ये पूरी फिल्म मेरे ऊपर ही आधारित थी.
पन्द्रह सोलह साल के फिल्मी सफर में मैने 60-70 फिल्में कीं.
मेरी पसंदीदा फिल्में हैं प्रियतमा, चोरनी, कभी कभी, याराना और कुछ और जिनके नाम मुझे इस वक्त दिमाग में नहीं आ रहे.
वैसे मैने उस जमाने में दो मशहूर निर्देशकों के साथ काफी काम किया उनमें से एक तो हैं यश चोपड़ा और दूसरे थे मनमोहन देसाई.
यश चोपड़ा जी से तो मेरा बिल्कुल घरेलू रिश्ता हो गया था.उनकी उस दौर की हर फिल्म में मैंने काम किया है. वैसा ही रिश्ता मेरा मनमोहन देसाई के साथ भी रहा. चाहे वो परवरिश हो या अमर अकबर एंथोनी।
ऋषि जी से मेरी पहली मुलाकार फिल्म जहरीला इंसान के सेट पर हुई थी.
दक्षिण में एक जगह है चित्रदुर्ग वहां पर. फिर धीरे धीरे हम काम के अलावा भी मिलने लगे और तब तक हमारी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी.
वैसे कपूर परिवार से मेरा रिश्ता शादी से पहले से ही काफी अच्छा रहा. इन लोगों की बहन रीमा मेरी अच्छी दोस्त थीं इनकी माता जी मुझे काफी पसंद करती थीं.
राज कपूर साहब भी बहुत अच्छे इंसान थे. शुरुआत में मुझे उनसे मिलने में थोड़ी झिझक थी लेकिन उनसे मिलकर काफी अच्छा लगता था. वो सामने वाले आदमी को बहुत कंफर्टेबल महसूस करवा देते थे.
हमारी सगाई भी हमारी मर्जी से नहीं बल्कि परिवार के लोगों के चलते हुई.
हमारे अफेयर के बारे में सबको पहले से ही पता था. उन लोगों ने कहा कि चार साल हो गए हैं अब इनकी सगाई कर ही देनी चाहिए.
हम दिल्ली गए हुए थे. सगाई के लिए भी मैं बिल्कुल तैयारी नहीं कर पाई. मेरे पास उस मौके के लिए कोई खास कपड़े भी नहीं थे.मेरे पति ने किसी की अंगूठी ली और मैने किसी और की.
ऋषि जी के साथ मैंने कई फिल्में कीं. एक किस्सा मुझे याद आता है.हम अपनी एक फिल्म खेल खेल के लिए एक गाने की शूटिंग कर रहे थे. यहां मैं आपको एक बात बता दूं कि सब जानते हैं कि ऋषि जी एक बहुत अच्छे डांसर हैं लेकिन ऐसा नहीं है.
वो एक अच्छे एक्टर हैं और अपनी एक्टिंग से अपनी डांसिग को भी खूबसूरत बना देते हैं. मुझे डांस अच्छे ढंग से आता था.
मैने वैजयंती माला से डांस की ट्रेनिंग ली थी लेकिन इस गाने की शूटिंग में मुझे इनके चलते काफी रिर्हसल करनी पड़ी. मैं तो अपने स्टेप्स बराबर कर लेती थी लेकिन ये बेचारे नहीं कर पाते थे।
मेरे परिवार ने मेरा पचासवां जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाने की तैयारी की है.आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो काफी खुशी होती है.मैं जो भी सपने देखे थे वो सब पूरे हो गए. मेरे बच्चे रणबीर और रिद्दिमा भी काफी अच्छे हैं.
मैं काफी खुश हूं कि मुझे इतना अच्छा दामाद मिला है और मुझे पूरी उम्मीद है कि रणबीर भी अपने करियर में काफी अच्छा करेगा.
( बीबीसी संवाददाता दुर्गेश उपाध्याय से बातचीत पर आधारित)


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