जया बच्चन की 'बहन' हिट फिल्में ठुकराकर बनी बी-ग्रेड एक्ट्रेस, कुंती का रोल भी किया फिर बिकिनी में...

Nazneen Actress Life Story: फिल्म और टीवी इंडस्ट्री ऐसी जगह है जहां कोई भी कलाकार रातों-रात मशहूर हो सकता है। कई एक्टर्स ने यहां खूब नाम कमाया, लेकिन बाद में अचानक लाइमलाइट से दूर हो गए और आज शांत, गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं। ऐसी ही एक एक्ट्रेस हैं नाजनीन, जिन्होंने 70 और 80 के दशक में खूब पब्लिसिटी पाई थी। उनका सबसे यादगार किरदार आज भी बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में पांडवों की मां कुंती का है।
नाजनीन की शुरुआती जिंदगी
नाजनीन का जन्म 1958 में कोलकाता में हुआ था, लेकिन बाद में वे अपने परिवार के साथ मुंबई आ गईं। उन्होंने हिल ग्रेंज हाई स्कूल से पढ़ाई की, जहां उनकी क्लासमेट एक्ट्रेस नीतू सिंह थीं। नीतू उन्हें अक्सर अपनी मां के घर लंच के लिए बुलाती थीं।
फिल्मों में शुरुआत
नाजनीन ने 1972 में सत्येन बोस की फिल्म 'सा-रे-गा-मा-पा' से अपने करियर की शुरुआत की। उस समय उन्हें अपना नाम बदलने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी असली पहचान बनाए रखने का फैसला किया।
'कोरा कागज' से मिली पहचान
1974 में आई फिल्म 'कोरा कागज' में उन्होंने जया बच्चन की बहन का रोल निभाया था। यह रोल इतना पसंद किया गया कि नाजनीन को कई फिल्में मिलने लगीं, लेकिन उनमें ज्यादातर 'बहन' वाले किरदार ही थे। नाजनीन का कहना था कि लोग सोचते थे कि वह सिर्फ 'सादी-सुंदर लड़कियों' वाले रोल ही कर सकती हैं।
कई हिट फिल्मों का हिस्सा
नाजनीन ने 'चलते चलते' (1976), 'दिलदार' (1977) जैसी फिल्मों में भी काम किया। लेकिन उनकी सबसे ज्यादा पहचान बनी 'महाभारत' में कुंती का रोल निभाने के बाद।
करियर में आया बड़ा मोड़
बार-बार बहन वाले रोल मिलने से परेशान होकर न नाजनीन ने ऐसे रोल करना बंद कर दिया। उस समय वे कुछ बी ग्रेड फिल्मों में लीड रोल भी कर रही थीं। उन फिल्मों के मेकर्स चाहते थे कि नाजनीन बहन जैसे किरदार न करें, ताकि उनकी फिल्मों की इमेज खराब न हो।
अब हैं पूरी तरह गुमनाम
नाजनीन 1990 तक फिल्मों में काम करती रहीं। इसके बाद वे धीरे-धीरे पर्दे से गायब हो गईं। आज उनके बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। जो एक समय की उभरती स्टार थीं, वह अब पूरी तरह से ग्लैमर की दुनिया से दूर गुमनाम जिंदगी जी रही हैं।


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