बॉक्स ऑफिस पर जीरो लेकिन अवॉर्ड्स में अव्वल रही ये फिल्में

नेशनल अवॉर्ड्स के विजेताओं की लिस्ट ने उन लोगों के मुंह बंद कर दिये हैं जिनके अनुसार भारत में पुरस्कार बिकाउ हो गये हैं। इस बार नेशनल अवॉर्ड्स जिन फिल्मों को मिले हैं उन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर भले ही पैसा ना कमाया हो, लेकिन उन फिल्मों ने लोगों के दिलों को उनकी जिंदगी को जरुर छुआ है और उसे प्रभावित किया है। लोगों की सोच पर प्रहार किया है। शाहिद जैसी फिल्म जो कि ज्यादा समय तक बॉक्स ऑफिस ना टिक सकी, के लिए उसके निर्देशक हंसल मेहता को बेस्ट निर्देशक का नेशनल अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा जॉली एलएलबी फिल्म जिसमें कोई बड़ा सुपर स्टार नहीं था, लेकिन बोमन इरानी और अरशद वारसी जैसे बेहतरीन कलाकार मुख्य किरदार में थे को बेस्ट हिंदी फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड दिया गया।
फिल्म शिप ऑफ थीसिस को गोल्डन अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिल्म दिया गया। शिप ऑफ थीसिस फिल्म की निर्माता किरण राव ने फिल्म के प्रमोशन के दौरान इस बात का फायदा नहीं उठाया कि वो आमिर खान की पत्नी हैं। उन्होंने आमिर खान को भी फिल्म के प्रमोशन में शामिल नहीं किया। जबकि आमिर खान ने जरुर फिल्म को देखने के बाद उसकी काफी तारीफ की और कहा कि ऐसी फिल्में लगातार बननी चाहिए। हालांकि किरण राव ने हमेशा यही कहा कि वो नहीं चाहतीं कि आमिर खान के फैन्स आमिर की फिल्म समझकर शिप ऑफ थीसिस देखने आएं और बाद में निराश होकर लौटें।
भाग मिल्खा भाग फिल्म को हालांकि बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली लेकिन फिल्म में फरहान अख्तर की जो मेहनत नज़र आई है उसके चलते फिल्म को मिली लोकप्रियता के आधार पर भाग मिल्खा भाग को सबसे पॉपुलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला।


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