'द केरल स्टोरी' पर बयान देकर बुरे फंसे Naseeruddin Shah, हर जगह हो रही थू-थू

Naseeruddin Shah Trolled: बॉलीवुड जगत के जाने-माने एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में निर्देशक सुदीप्तो सेन की विवादास्पद फिल्म 'द केरल स्टोरी' पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता एक खतरनाक चलन है और इसकी तुलना नाजी जर्मनी से की।
मनोज तिवारी ने साधा निशाना
नसीरुद्दीन शाह के इस बयान पर अब भाजपा नेता, गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने अदा शर्मा स्टारर फिल्म पर किए कमेंट के लिए अब नसीरुद्दीन की खिंचाई की है। मनोज तिवारी ने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि नसीरुद्दीन साहब अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन उनकी मंशा अच्छी नहीं है। 'द केरल स्टोरी' एफआईआर पर आधारित है, लेकिन नसीरुद्दीन शाह, अगर दम है तो कोर्ट जाइए। बात करना आसान है। जिस तरह से नसीरुद्दीन शाह साहब ने इस बयान से अपना परिचय दिया, वह एक भारतीय के तौर पर अच्छे नहीं हैं।
एसपी सिंह बघेल ने कही ये बात
अब एक्टर के इस विवादित बयान के बाद औरों के बीच चर्चा होना लाजिमी था। नसीरुद्दीन शाह का बयान सुनने के बाद सबसे पहले केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा- उनकी पत्नी हिंदू हैं, वे क्यों डरे हुए हैं? पीएम सबकी एकता में विश्वास रखते हैं। मुझे उनके बयान से दिक्कत है। आमिर खान, शाहरुख खान, नसीरुद्दीन शाह सभी की हिंदू पत्नियां हैं। तो क्या उनकी पत्नी को कोई परेशानी है? कोई डर है? उनकी पत्नी भी सहनशीलता और सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं। ऐसी बातें कहकर ये सभी अभिनेता खुद नफरत फैला रहे हैं।'
अनुराग ठाकुर ने जताई आपत्ति
नसीरुद्दीन के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि, 'दुनियाभर से लोग भारत आना चाहते हैं. हमारे देश में बोलने की आजादी है और इसलिए फिल्में बनाई जाती हैं। अगर कोई राजनीतिक तौर से निशाना साधता है तो उन्हें राजनीति में आ जाना चाहिए और फिर बोलना चाहिए।'
नसीरुद्दीन का बयान
आपको बता दें, नसीरुद्दीन ने कहा था कि यह चिंताजनक है कि कुछ फिल्मों और शो को दुष्प्रचार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव में वोट पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। सत्ताधारी दल ने बहुत चतुराई से इसका इस्तेमाल किया है। पढ़े-लिखे लोगों में भी मुसलमानों से नफरत करना आजकल फैशन बन गया है। नसीरुद्दीन ने आगे कहा चुनाव आयोग भी ऐसी चीजों पर कुछ भी नहीं बोलता है। देश में राजनीतिक पार्टियां चुनावों के लिए धर्म का खुलकर का इस्तेमाल करती हैं। चुनाव आयोग हमेशा इन चीजों पर मूक बना रहता है। अगर कोई मुस्लिम लीडर अल्लाह हू अकबर का नाम लेकर वोट मांगता, तो अब तक बवाल खड़ा हो गया होता।


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