रोल से ज़्यादा फिल्म अहम:नसीरुद्दीन शाह

लगभग 34 सालों से अपने अभिनय से लोगों का मनोरंजन करते आ रहे जाने माने फ़िल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह 59 वर्ष के हो गए हैं.
नसीर ने अपने फ़िल्मी सफ़र में हर तरह के किरदार बखूबी निभाए हैं. चाहे आक्रोश, स्पर्श, अ वेडनसडे के संजीदा किरदार हों या फिर जाने भी दो यारों और हीरो हीरालाल जैसी फिल्मों में लोगों को गुदगुदते नसीर. और यही नहीं बल्कि नकारात्मक किरदारों को भी नसीर उतनी ही कुशलता के साथ निभाया हैं.
नसीर ने ख़ास बातचीत में बीबीसी को बताया की वो वही किरदार चुनते हैं जो उनके दिल को छूते हैं और चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए वो कोई भी ऐसी फिल्म नहीं करते हैं जिसमे उन्हें मज़ा न आये. नसीर का मानना है की जब भी उन्होने कोई भी फ़िल्म बेमन से की है वो फ़िल्म लोगों को भी पसंद नहीं आई है.
नसीर ने कहा "मैं पहले हमेशा अपने किरदार को ध्यान में रखकर कोई भी फिल्म करता था लेकिन आजकल मेरी कोशिश होती है कि भले ही रोल छोटा या बड़ा हो, मैं एक अच्छी फ़िल्म का हिस्सा बनूं."
नसीरुद्दीन शाह ने वर्ष 2006 में फ़िल्म यूं होता तो क्या होता से निर्देशन कि दुनिया में कदम रखा. नसीर का कहना है कि आजकल के फ़िल्ममेकर्स पहले से ज़्यादा परिपक्व हैं और वो आम आदमी से जुडी हुई फिल्में बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो इस बात से बेहद खुश हैं कि व्यवसायिक और समानान्तर सिनेमा के बीच का फासला ख़त्म हो गया है.
नसीर कहते हैं "हाल ही में आई इकबाल, अ वेडनसडे, रॉक ऑन, मुंबई मेरी जान जैसी फिल्में आज से 10 साल पहले तक नहीं बन सकती थीं. लेकिन 70 के दशक के फ़िल्ममेकर्स ने जो भी काम किया है वो इन फिल्मों के लिए आधारशिला बना. जिस तरह की फ़िल्में आज बन रही हैं उसका एक कारण ये भी है कि दर्शक खासकर की युवा पीढ़ी अलग तरह की फ़िल्में पसंद कर रही हैं."
नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी कुछ फिल्में की हैं. साथ ही उन्होंने छोटे परदे पर भी मिर्जा ग़ालिब और भारत एक ख़ोज जैसे धारावाहिक में भी काम किया है.
नसीरउद्दीन शाह की पत्नी रत्ना पाठक शाह भी एक अभिनेत्री हैं. उनकी बेटी हीबा और बेटे इमाद भी अभिनय की दुनिया से जुड़े हुए हैं. नसीर की आने वाली फिल्मों में इश्किया, अल्लाह के बंदे, शून्य, रेड एलर्ट जैसी फिल्में शामिल हैं.


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