नरगिस ने तोड़ी थीं मज़हब की दीवारें
बालीवुड के इतिहास की क्लासिकल फिल्म 'मदर इंडिया' की अदाकारा नगिस को हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश विरासत में मिला था और उनकी नसों में यह खून की तरह दौडता था. नगिस से पहले उसकी मां जद्दन बाई ने तीस के दशक में एक हिन्दू रईस से शादी कर धर्म की संकीर्ण दीवारों को गिरा दिया था.
उसके पिता जद्दनबाई के प्रेम में इतने पागल हो गए कि उन्होंने इस्लाम ग्रहण कर लिया. देश के प्रथम शिक्षा मंत्री तथा राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद ने उन्हें इस्लाम ग्रहण करवाया था. रोली बुक्स द्वारा प्रकाशित पुस्तक में नगिस और सुनील दत्त की प्रेमकहानी के माध्यम से देश में दो कौमों की एकता और देशभक्ति के अनूठे और अनछुए पहलु सामने आते हैं.
नगिस की सांसद बेटी प्रियादत्त और नम्रता दत्त द्वारा लिखी गयी पुस्तक में इस बात का गहरा मलाल भी व्यक्त किया गया कि जिस दत्त परिवार ने ईमानदारी, उसूलों और गहरे राष्ट्रप्रेम के साथ जीवन जीया उस पर मीडिया और कुछ लोगों ने संजय दत्त के कारण देश द्रोही का बट्टा लगा दिया. दिल्ली में पुस्तक का विमोचन हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तथा मुंबई में मशहूर अदाकार दिलीप कुमार ने किया.
पुस्तक के अनुसार बालीवुड की प्रथम महिला संगीतकार फिल्म निर्माता तथापटकथा लेखिका उत्तर प्रदेश के चिलबिला गांव की थी और वह अपने जमाने की मशहूर ठुमरी गायिका भी थी, उनकी गायकी से उत्तम चंद मोहनचंद उर्फ मोहनबाबू इतने प्रभावित हुए कि उनका दिल उनपर आ गया. उन्होंने इस्लाम ग्रहण कर अपना नाम अब्दुल राशिद रख लिया और जद्दन बाई से निकाह कर लिया.


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