मर्डर 3 ने मर्डर सीरीज का मर्डर कर दिया
मर्डर 3 की शुरुआत हुई एक बार में शराब पीते हुए विक्रम (रणदीप हुड्डा) से। उस बार की वेटरेस निशा(सारा लॉरेने) शराब मे धुत्त विक्रम की मदद करती है और उसे अपने घर लेकर जाती है। सुबह उठते ही विक्रम बिना कुछ कहे निशा के घर से निकल जाता है। अपने दोस्त से मिलकर वो कहता है कि उसे इतना काम चाहिए कि वो खुद को भी भूल जाए। उसका दोस्त कहता है कि वो सबसे पहले अपनी पुरानी यादों को खत्म करे और फिर आगे बढ़े। विक्रम रौशनी, अपने पुराने प्यार की यादों से छुटकारा पाने के लिए निशा का सहारा लेता है।
एक दिन विक्रम के घर में जो कि शहर से बहुत दूर और सुनसान जगह पर है, निशा को सीबीआई ऑफीसर मिलते हैं जो कि रौशनी को ढ़ूंढ़ रहे हैं। निशा जो कि रौशनी के बारे में कुछ नहीं जानती विक्रम से इस बारे में पूछती है तो विक्रम उसे बताता है कि रौशनी उसे छोड़कर चली गयी है और अब उसकी जिंदगी में सिर्फ निशा है। दूसरी तरफ निशा को घर के बाथरुम से अजीब अजीब सी आवाजें आती हैं और उसे लगता है कि घर में भूत है। इन्हीं सब उलझनों से घिरी हुई कहानी के बीच कई बार दर्शक खुद को खोता हुआ पाते हैं। फिल्म की कहानी अच्छी है लेकिन फिर भी मर्डर सीरीज के लेवल की नहीं महसूस होती। रणदीप हु्ड्डा बेहतरीन एक्टिंग की है लेकिन फिर भी फिल्म में इमरान हाशमी की कमी महसूस हुई। सारा लॉरेन और अदिति फिल्म में सिर्फ अपनी खूबसूरती को भुनाती हुई नज़र आईं। पूरी फिल्म में शीशे का महत्वपूर्ण रोल है।


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