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    सुशांत केस पर अड़ी मुंबई पुलिस, करती रहेगी जांच, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ!

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    सुशांत सिंह राजपूत केस से मुंबई पुलिस का इतना लगाव किसी की समझ में नहीं आ पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुंबई पुलिस के Joint CP विनय के चौबे ने एक फ्रेस कॉन्फ्रेंस रखी और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि अब मुंबई पुलिस की लीगल टीम पूरे फैसले को पढ़ रही है।

    मुंबई पुलिस, सुप्रीम कोर्ट के इस 35 पन्ने के फैसले को पढ़ने के बाद ही कोई फैसला लेगी। हालांकि ये तय माना जा रहा है कि सीबीआई के साथ साथ मुंबई पुलिस इस मामले में जांच करेगी।

    ये जांच मुंबई पुलिस CRPC के सेक्शन 172 के अंतर्गत कर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले के आखिरी पन्ने पर साफ निर्देश दिया है कि इस मामले में अब आगे कोई FIR नहीं होगी। अगर होगी तो उसका जांच अधिकार सीबीआई के पास होगा।

    हालांकि मुंबई पुलिस की लीगल टीम इस फैसले पर जुट चुकी है और उन नियमों की खोज की जा रही है जिसके तहत मुंबई पुलिस अभी भी मामले की जांच कर सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में महाराष्ट्र सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि मामले में सीबीआई जांच का सहयोग करे। लेकिन अगर मुंबई पुलिस अलग जांच करती है तो सीबीआई को कितना सहयोग मिलेगा ये तो वक्त बताएगा।

    मुंबई पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहीं भी ये नहीं कहा कि मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में कोई कोताही बरती या मुंबई पुलिस की जांच की दिशा गलत थी। गौरतलब है कि पहले भी मुंबई पुलिस सुशांत के परिवार के खिलाफ भड़क चुकी है।

    सबने दिया था बयान

    सबने दिया था बयान

    मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने पहले भी अपने बयान में साफ कहा है कि सुशांत के पिता ने बिहार पुलिस को अपने FIR में दूसरा स्टेटमेंट दिया है। जो पहला स्टेटमेंट उन्होंने मुंबई पुलिस को दिया था उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी पर शक नहीं है।

    प्रोफेशन के झगड़े और डिप्रेशन

    प्रोफेशन के झगड़े और डिप्रेशन

    मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने ये भी कहा कि कुछ लोगों ने अपने बयान में प्रोफेशनल प्रेशर और जो उनका मानसिक बीमारी के लिए ईलाज चल रहा था उसकी वजह से सुसाइड का अंदेशा जताया था। सबने अपने बयान में कहा कि उन्हें किसी पर शक नहीं है।

    जीजा की शिकायत

    जीजा की शिकायत

    गौरतलब है कि 25 फरवरी को सुशांत के जीजाजी ने एक वॉट्सएप मेसेज के ज़रिए मुंबई पुलिस को इत्तेला की थी कि सुशांत की जान खतरे में हैं। उन्होंने साफ साफ रिया का नाम भी बताया था। हालांकि परिवार चाहता था कि ये मामला अनौपचारिक तरीके से सुलझ जाए।

    मुंबई पुलिस की सफाई

    मुंबई पुलिस की सफाई

    मुंबई पुलिस ने एक खत का कॉपी जारी किया था जिसमें बताया गया कि सुशांत के जीजा जी को साफ कहा गया था कि वो एक लिखित शिकायत दर्ज कराएं। लिखित शिकायत के बिना पुलिस उनकी कोई सहायता नहीं कर सकती है।

    बिना शिकायत कुछ नहीं

    बिना शिकायत कुछ नहीं

    पुलिस और कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब सुशांत के परिवार ने फरवरी में कोई लिखित शिकायत नहीं दर्ज की थी तो फिर वो पुलिस पर आरोप कैसे लगा रहे हैं कि कोई कार्यवाही नहीं की गई। बिना लिखित प्रमाण के पुलिस किसी पर भी कोई कार्यवाही कैसे कर सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    वहीं अगर कानून देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट ने ये माना है कि किसी भी प्रकार की शिकायत चाहे वो ईमेल, हो या मेसेज या किसी भी प्रकार के डिजिटल माध्यम से लिखी गई हो, वो शिकायत के तौर पर मान्य होगी।

    बाद में क्यों नहीं की पूछताछ

    बाद में क्यों नहीं की पूछताछ

    लोगों का सवाल है कि अगर लिखित शिकायत नहीं भी थी तो भी मुंबई पुलिस के पास रिया के खिलाफ इस बिंदु पर पूछताछ करने का माध्यम था ये वॉट्सएप चैट। सुशांत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती से इस दृष्टि से कोई पूछताछ क्यों नहीं की गई।

    रिया के खिलाफ पुख्ता सुबूत

    रिया के खिलाफ पुख्ता सुबूत

    सुशांत की मौत के बाद, ये वॉट्सएप चैट रिया के खिलाफ केस दर्ज करने का अच्छा खासा सुबूत थी। बांद्रा पुलिस के डीसीपी ने ये बातचीत की थी। इसलिए मुंबई पुलिस के पास रिया के खिलाफ केस दर्ज करने का और पूछताछ करने का काफी सुबूत था।

    जान खतरे में है

    जान खतरे में है

    वहीं सुशांत के जीजा जी ने इस चैट में लिखा कि रिया सुशांत के स्टाफ को निकाल कर अपने जानने वाले लोग नौकरी पर रख रही है। उसकी तीसरी बहन जो दिल्ली में वकील है और अकसर उससे मिलने जाती है, काफी चिंता में है कि सुशांत ने कुछ ऐसे लोगों के हाथ अपनी ज़िंदगी सरेंडर कर दी है जो लगातार उससे छल कर रहे हैं और काबू में कर रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि उसकी जान खतरे में है।

    मुंबई पुलिस की लापरवाही

    मुंबई पुलिस की लापरवाही

    इसके बावजूद मुंबई पुलिस ने कुछ नहीं किया। सुशांत सिंह राजपूत के जीजा जी ने अपने वॉट्सएप चैट में सुशांत और उसके दोस्त का नंबर भी दिया लेकिन मुंबई पुलिस ने किसी को फोन कर पूछताछ भी नहीं की। और 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी ज़िंदगी खत्म कर ली।

    (यदि आपको या आपके जानकारी में किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो, तो अपने नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हेल्पलाइन- COOJ मेंटल हेल्थ फाउंडेशन: 0832-2252525, स्नेहा - 044-24640050/ 044-24640060, परिवर्तन: +91 7676 602 602 )

    English summary
    Mumbai Police has stubbornly refuse to leave Sushant Singh Rajput suicide case and will continue a parallel probe despite Supreme Court verdict.
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