सोनिया के जीवन पर बनी फिल्म झमेले में

यानि कि सोनिया के अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही इसके प्रदर्शन की अनुमति दी जायेगी. लेकिन दिनेश ठाकुर ने सोनिया से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की बजाय सेंसर बोर्ड के खिलाफ उच्च न्यायालय में मामला दर्ज किया है.
ठाकुर का मानना है कि फिल्म में सोनिया गांधी के बारे में सत्य तथ्य ही दिखाये गये इसे राशिद किदवई के बायोग्राफी सोनिया गांधी से लिया गया है. ठाकुर ने इसे सन 2005 में ही बना लिया था और तब से यह सेंसर बोर्ड में सेंसर होने की राह तक रही है. ठाकुर जो कि पूर्व आयकर आयुक्त भी रह चुके हैं. उन्होंने सेंसर बोर्ड के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है.


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