भंसाली के नाटक अब इटली की राह

भंसाली नेकहा, "एक अलग देश में मैं नाटक की दूसरी पारी शुरू करने को लेकर आशंकित हूं। पेरिस में मंचन के दौरान परेशान नहीं था। नाटक की भाषा फ्रेंच होने के कारण वहां के दर्शकों से उसे जोड़ने में परेशानी नहीं आई। अब एक भारतीय के फ्रेंच भाषा में बनाए गए नाटक को लेकर इटलीवासियों की प्रतिक्रिया को लेकर मैं आशंकित हूं। खासकर तब जब वे इटलीवासी नाटक के खास शौकीन हैं।"
उल्लेखनीय है कि अल्बर्ट रॉसेल के नाटक से प्रभावित भंसाली की 'पद्मावती' पेरिस के पॉश थिएटर ड्यू चैटलेट के दर्शकों को काफी पसंद आई।
भंसाली कहते हैं, "फ्रांस से इटली जाने के बाद भी इसके कलाकारों में मैं कोई बदलाव नहीं करूंगा। अपने साथ नाटक और भारतीय संस्कृति को मैं साथ लेकर चलूंगा।"
गौरतलब है कि इटली में पहले भंसाली की चार फिल्में 'देवदास', 'ब्लैक', 'सांवरिया' और 'हम दिल दे चुके सनम' का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद चार नाटकों का मंचन हुआ।
भंसाली नाटक के जरिए विश्व के अलग-अलग संस्कृतियों को बालीवुड से जोड़ना चाहते हैं।
रोम के निकट स्थित स्पोलेटो में इटली महोत्सव के दौरान 27 जून से 'पद्मावती' का मंचन शुरू कर दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications