श्याम बेनेगल को ओम पुरी ने कहा 'ना'

पुरी ने कहा, "श्यामजी ने मुझे हास्य फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए कहा। वे चाहते थे कि मैं सितंबर में वह फिल्म करूं, लेकिन तारीख की समस्या के कारण मैं उसे स्वीकार नहीं कर सका। अगले साल मई तक मेरे पास समय नहीं है।"
बेनेगल को बेहतरीन हास्य फिल्म बनाने के साथ-साथ नए कलाकारों को मौका देने के लिए भी जाना जाता है। 70 और 80 के दशक में अपनी फिल्मों के जरिए उन्होंने जिन नई प्रतिभाओं को मौका दिया था, पुरी भी उन्हीं में से एक हैं। बेनेगल की 'मंडी', 'आरोहन' और 'अंतर्नाद' में पुरी ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
पुरी कहते हैं, "बेनेगल किसी का इंतजार नहीं करते। उनके अपने सिद्धांत हैं। वे ऐसे इंसान हैं, जो खुद के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने का माद्दा रखते हैं। उनमें इतनी क्षमता है कि नए कलाकारों से भी वे बेहतरीन फिल्म बना सकते हैं। मैं भी नया था जब मैंने उनके साथ काम किया।"
गोविंद निहलानी की 'अर्ध सत्य' पुरी की सबसे अच्छी फिल्म मानी जाती है। इसके बावजूद बेनेगल उनके पसंदीदा निर्देशक कहलाते हैं। बेनेगल की 'हेरा फेरी' और 'चुप चुप के' में भी पुरी ने अभिनय किया था।
इस उम्र में भी पुरी हर तरह की फिल्में करना चाहते हैं। वे कहते हैं कि व्यावसायिक फिल्मों से पैसा मिलता है जबकि कला फिल्मों में काम करके संतुष्टि मिलती है।
जल्दी ही पुरी 'मुखबिर', 'सिंह इज किंग', 'दिल्ली 6', 'कुश्ती', 'मराठी' और 'शूट ऑन साइट' फिल्मों में दिखेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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