क्या एंथोनी सचमुच बन पाएगा हीरो ?
बचपन से एंथोनी गोंसाल्विस (अमिताभ बच्चन) को अपना गुरु मानने वाले निखिल द्विवेदी को शायद यकीन नहीं था कि वह भी कभी अपने पूज्यनीय की तरह कहेंगे 'माय नेम इज़ एंथोनी गोंसाल्विस". उन्होंने कहा मगर अफसोस दर्शकों ने उसे नहीं सुना यही वजह है कि दर्शक सिनेमाघर तक पहुंचने में नाकामयाब रही.
खैर शाहरुख के दोस्त और अमिताभ के उपासक निखिल की गुहार दर्शकों तक भले ही न पहुंची हो मगर निर्देशकों ने उनकी काबिलीयत को ज़रूर भांप लिया और फिल्म रिलीज़ के दो ही हफ्तों में चार फिल्म ऑफर कर दी.
इनमें सबसे पहली शिवम नायर की 'अर्जुन" है, जिसके बारे में पहले भी काफी खबरें आ चुकी हैं. दूसरी फिल्म अनटाइटल्ड है. यह फिल्म 'सिनर्जी फिल्म्स" के बैनर तले बनने वाली है. फिलहाल इस फिल्म के बैनर तले आमिर खान निर्मित 'गजनी" बन रही है. इसके अलावा एक फिल्म तिग्मांशु धुलिया की है जिसमें निखिल का साथ देंगे अपने ची ची यानी कि गोविंदा. और अंतिम फिल्म मल्टीस्टारर्र है. यह फिल्म रिस्क एडवर्टाइज़िंग एंड मीडिया के बैनर तले बन रही है.
तो यह थी चार फिल्में जो निखिल के खाते में आई हैं. यूं तो कहा जा रहा है कि निखिल की चमकती किस्मत के पीछे शाहरुख खान की दोस्ती का हाथ है मगर बहुत कम लोग यह जानते हैं कि उनकी किस्मत को बॉलीवुड में बुलंद करने के पीछे उनके परिवार का हाथ है जो इलाहाबाद के कुछ एक रईसों में से एक हैं.
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार निखिल का परिवार निखिल को बॉलीवुड में कदम जमाने के लिए काफी प्रयासरत है. उनका यह भी कहना है कि उनके संबंध सिर्फ शाहरुख खान से ही नहीं बल्कि बॉलीवुड से जुडे बडी बडी हस्तियों से भी है. अब देखना यह है कि इतनी सुविधाओं के बाद भी निखिल अपने दिल के अरमान 'मैं शाहरुख खान बनना चाहता हूं" पूरी कर पाते है कि नहीं. है ना.


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