मानसिक रोगियों पर बनी ज्यादातर फिल्में

अभिनेता अजय देवगन ने धीरे-धीरे भूलने वाली बीमारी 'अल्जाइमर्स' को अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'यू, मी और हम' के लिए चुना। अभिनेता से फिल्म निर्माता बने राकेश रोशन ने 'क्रेजी 4' में मानसिक रूप से विक्षिप्त चार लोगों की नजरों से दुनिया को देखने का प्रयास किया।
बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल शादी के बाद बहुत सोच-समझकर ही फिल्में कर रही हैं। 'फना' में एक अंधी, कश्मीरी युवती का किरदार निभाने के बाद 'यू, मी और हम' में उन्होंने अल्जाइमर्स से जूझती 28 वर्षीया युवती का किरदार निभाया है।
फिल्मों पर नजर रखने वाले एक व्यापार प्रेक्षक के अनुसार, इंडस्ट्री ने मानसिक रोगियों को केंद्र में रखकर फिल्में बनानी शुरू कर दी हैं। यहां 'ब्लैक', 'इकबाल', 'प्यारे मोहन' और 'टॉम, डिक एंड हैरी' जैसी मानसिक बीमारियों पर आधारित फिल्में ज्यादा बनने लगी हैं।
ध्यान से देखें तो अजय भी आमिर खान की पहली निर्देशित फिल्म 'तारे जमीन पर' की राह पर ही चलते दिखेंगे। दोनों ही फिल्में यह समझाती नजर आती हैं कि नाजुक परिस्थितियों में अपनों को सबसे ज्यादा हमारे साथ की जरूरत होती है। ऐसे समय में उन्हें खुद से दूर करने के बजाए उन्हें साथ रखकर उनकी मदद करनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 'वो लम्हे', 'क्योंकि', 'मैं ऐसा ही हूं', 'कोई..मिल गया', '15 पार्क एवेन्यू' और 'मैंने गांधी को नहीं मारा' जैसी मानसिक बीमारियों पर आधारित फिल्में बन चुकी हैं।


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