आज के बच्चे ज्यादा प्रतिभावान: अनुपम

अनुपम ने कहा, "महज सात साल के इस बच्चे ने बड़े-बड़े कलाकारों को शर्मिदित कर दिया है। इसमें केंद्रीय भूमिका निभा रहे पुरव विक्षिप्त बच्चे की भूमिका में हैं। जम्मू और कश्मीर की बर्फीली ठंडक में भी उसने बड़ी सहजता से अभिनय कर दिखाया।"
अनुपम कहते हैं, "उसमें मैंने कभी हिचक नहीं देखी। हंसते-खेलते वह कैमरे के सामने जाता है और निर्देशक सिवन की बातों पर बखूबी अमल कर लेता है। पल में ही वह लंबे-लंबे दृश्य पूरे कर लेता है। खास यह है कि उसके परिवार में कोई अभिनय की दुनिया से जुड़ा हुआ नहीं है। उसके पिता एक दंतचिकित्सक हैं।"
इन दिनों अनुपम एक और प्रतिभाशाली बच्ची गार्गी के साथ फिल्म 'हवाई दादा' में काम कर रहे हैं। सूरज बालाजी की शाहरुख खान और करीना कपूर अभिनीत फिल्म 'अशोका' में काम कर चुकी गार्गी संतोष सिवन की खोज है। वह 'हलो' में बीनैफ दादाचनजी की भूमिका में हैं।
अनुपम कहते हैं, "संतोष सिवन बच्चों को बखूबी उनका चरित्र समझाकर उनसे बेहतर काम ले लेते हैं। शेखर कपूर ने फिल्म 'मासूम' में जुगल हंसराज से, संजय लीला भंसाली ने 'ब्लैक' में आयशा कपूर से और आमिर खान ने 'तारे जमीन पर' में दर्शील सफारी से बेहतरीन अभिनय कराया है।"
अमिताभ बच्चन के साथ 'चीनी कम' और 'भूतनाथ' में क्रमश: स्विनी और अमन सिद्दीकी ने बेहतरीन अभिनय किया है। 'नन्हे जैसलमेर' में द्विज यादव ने भी अच्छा काम किया।
अनुपम कहते हैं, "आज के बच्चों में भावनात्मक प्रतिभा बहुत ज्यादा है। वह भले ही डिसलेक्सिक बच्चों के बारे में नहीं जानते हों, लेकिन उसे सोच-समझकर परदे पर आसानी से उतार लेते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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