अब बारी फिल्म अंकुश के सिक्वल की
1986 में एन चंन्द्रा की 'अंकुश" ने न सिर्फ युवाओं को आंदोलित किया बल्कि उनकी ताकत, उनकी ऊर्जा को एक नई दिशा दी. इस फिल्म नें उस समय चल रही विसंगतियों तथा बुराइयों के खिलाफ लडने के लिए भी प्रेरित किया. नाना पाटेकर, निषा पलसिकर, आशा लता, कश्मीरी सैय्यद, अर्जुन चक्रवर्ती, मदन जैन, सुभाष पलसिकर तथा राबिया अमीन अभिनीत इस फिल्म की कहानी के साथ इसके खूबसूरत गीतों से सभी परिचित हैं.
आपको बता दें कि सिक्वल के इस दौर में इस फिल्म का सिक्वल भी बनकर तैयार है जिसे इसी साल फरवरी में रिलीज़ किया जाएगा.
मज़े की बात यह है कि इस फिल्म का निर्माण एन चंद्रा की बजाय सुभाष आर दुर्गकार कर रहे हैं और इसके निर्देशक हैं मिलिंद स्वामी. यही नहीं चार जुझारू युवाओं के रूप में नज़र आए नाना पाटेकर, कश्मीरी सैय्यद, अर्जुन चक्रवर्ती तथा मदन जैन की जगह इस फिल्म में नज़र आएंगे उत्तर कुमार (हरियाण्वी कलाकार), शिवम पांडे, अनिकेत केलकर तथा मिलिंद जाधव. इस फिल्म की कहानी लिखी है खुद सुभाष दुर्गकार ने तथा पटकथा और संवाद लिखा है सविता गवली ने.
वैसे 1986 में बनी एन चंद्रा की 'अंकुश" के बाद 2006 में हरिश भोंसले ने 'अंकुश" नाम की एक और फिल्म बनाई थी. यह फिल्म पिछली 'अंकुश" से पूरी तरह से अलग थी. इस फिल्म में गोविंद नामदेव, मोहन जोशी, संगीता तिवारी तथा सोनाली गोस्वामी थी.
इन दिनों समाज में फैली बुराइयों के प्रति बॉलीवुड काफी सचेत हो गया है इसलिए बडे बडे फिल्मकार भी इन विषयों को फिल्म की कहानी बनाकर पेश कर रहे हैं. पिछली 'अंकुश" की लोकप्रियता को देखते हुए हो सकता है दर्शकों के मन में इस फिल्म के लिए काफी उत्साह हो. फिलहाल हम यही कहना चाहेंगे कि, हो सकता है बुराइयों से लडने के लिए प्रेरित करने वाली फिल्मों में इस फिल्म का नाम अवश्य शामिल किया जाए मगर यह फिल्म एन चंद्रा की 'अंकुश" के बराबर आंकी जाए उसमें हमॆं संदेह है.


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