हालीवुड फिल्म की नकल नहीं 'आमिर'

राजीव ने कहा, "पटकथा सुनकर मुझे बहुत पसंद आई। जिस किरदार की भूमिका मैं निभा रहा हूं कि वह मुंबई के भीड़-भाड़ वाले इलाके में हैरान-परेशान घूमता रहता है। फोन पर उसे रहस्यमय लोगों से निर्देश मिलते रहते हैं। लेकिन इसे हालीवुड की 'सेल्युलर' की नकल कहना सही नहीं होगा।"
वास्तविक जीवन में अक्सर अपना मोबाइल भूल जाने वाले राजीव कहते हैं, "पिछले महीने ही मेरा मोबाइल खो गया था। पिछले हफ्ते फिर से मेरा मोबाइल बीच पर गिर गया।"
फिल्म की शूटिंग के दौरान एक महिला प्रशंसक से हुई बातचीत को राजीव भूल नहीं पाते। मुंबई के भीड़-भाड़ वाले इलाके डोंगरी में शूटिंग के दौरान अचानक एक महिला प्रशंसक ने उन्हें पहचान लिया और सुजल कहकर चिल्लाने लगीं।
गौरतलब है कि एकता कपूर के धारावाहिक 'कहीं तो होगा' में सुजल की भूमिका निभाने के बाद ही राजीव को पहचान मिली है।
वह कहते हैं, "उस वक्त डोंगरी की गलियों पर मैं इधर-उधर दौड़ने की शूटिंग कर रहा था। उनका री-टेक कर पाना आसान नहीं था। कैमरा चल रहा था। अचानक महिला ने अपनी टैक्सी रोक दी और जोर-जोर से मुझे सुजल नाम से पुकारने लगी।
"मैंने उससे कहा कि मुझे रेड लाइट के ग्रीन होने से पहले ही सड़क पार करनी है, लेकिन वह सुन ही नहीं रही थी। मजबूरन उसे धकेलकर पटकथा के मुताबिक मुझे सड़क पार करने के लिए जाना पड़ा। फिल्म में वह दृश्य मौजूद है।"
राजीव के लिए सबसे खुशी का लम्हा वह था जब फिल्म देखने के बाद हेमा मालिनी ने उनसे कहा, "फिल्म बिरादरी में तुम्हारा स्वागत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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