तुम्हारी याद आती रहेगी...
पवन सिंह अतुल
बीबीसी संवाददाता
अद्वितीय पॉप गायक माइकल जैक्सन अगर जीवित होते तो 29 अगस्त को वो 51 साल के हो जाते.
वैसे तो उनका पूरा करियर और निजी जीवन लोगों के लिए उत्सुकता का सबब रहा लेकिन अचानक हुई त्रासद और विवादास्पद मृत्यु ने उनकी गाथा को और दिलचस्प बना दिया.
सोल, फ़ंक और रॉक संगीत के बेजोड़ मिश्रण ने माइकल जैक्सन को विश्व का सबसे बड़ा पॉप स्टार बना दिया.
लेकिन जैक्सन के पास संगीत और नृत्व के अलावा भी कुछ हुनर थे जिसने उन्हें संगीत और मनोरंजन की दुनिया का मशहूर सितारा बनाकर कामयाबी के सातवें आसमान पर पहुँचा दिया.
ये हुनर था संगीत के बाज़ार की समझ और ज़बरदस्त व्यावसायिक दिमाग. उनके रेकॉर्ड लाखों में बिकते और अपनी बिक्री के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करते रहे.
ये और बात है कि उनका निजी जीवन अक्सर विवादों के घेरे में आता रहा.
माइकल जैक्सन की आवाज़, संगीत, नृत्य और शख़्सियत के बारे में बीबीसी ने कुछ भारतीय कलाकारों से बात की.
दिलकश आवाज़
गायक शान ने बीबीसी को बताया कि 1983 में ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने पहली बार जैक्सन का वीडियो देखा, उसके बाद से चाहे उनका गाना हो या डांस करने की तरीका, वो दोनों के ही कायल हो गए.
शान ने कहा कि 1996 में जब माइकल जैक्सन मुंबई आए तो उन्होंने पैसे की कमी के बावजूद उनके शो का टिकट ख़रीदा और वहाँ गए. वो उस रात जैक्सन की जादुई पेशकश में पूरी तरह खो गए.
शान कहते हैं कि शायद तकनीकी तौर पर दुनिया में जैक्सन से बेहतर गायक होंगे लेकिन उनकी गायकी का दर्द और भावुकता उन्हें बाक़ियों से अलग करती है और बतौर डांसर तो उनका कोई सानी नहीं.
बेहतरीन पेशकश
भारत के मशहूर कोरियोग्राफ़र और डांसर श्यामक डावर ने बीबीसी को बताया कि जैक्सन दुनिया अब तक के सबसे बेहतरीन परफ़ॉर्मर थे.
डावर बताते हैं कि जैक्सन ने एक नए किस्म का संगीत तैयार किया जो बाक़ियों से अलग और विविध था.
वे कहते हैं कि जैक्सन का संगीत अमूल्य है. जैक्सन के गायकी और नृत्य दोनों ही उच्चकोटि के थे.
श्यामक डावर कहते हैं कि उनका गाने और उनके पांवों की थिरकन अनोखी थी जिसकी कोई मिसाल नहीं.
उन्होंने कहा, "माइकल जैक्सन का अंदाज़ इतना अनोखा था कि उसकी नकल करना भी एक मुश्किल काम है."
जैक्सन का प्रभाव
बॉलीवुड की मशहूर संगीत निर्देशक जोड़ी विशाल-शेखर के शेखर डडलानी कहते हैं कि आज के ज़माने में कोई भी संगीत और नृत्य रचने वाला व्यक्ति नहीं होगा जिसके सोचने के तरीके पर जैकसन ने प्रभाव ना छोड़ा हो.
विशाल कहते हैं, "दुनिया भर में माइकल जैक्सन ने अपनी संगीत और नृत्य से जो ख़ुशियाँ और प्यार बाँटा है उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूँ."
विशाल ने कहा कि 29 अगस्त को माइकल जैक्सन के जन्मदिन के लिए एक विशेष गाना तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि ये गाना 29 अगस्त को टीवी चैनलों पर चलाया जाएगा और उसके बार इंटरनेट के ज़रिए मुफ़्त में डॉउनलोड किया जा सकेगा.
विशाल ने कहा कि वैसे तो उन्हें जैक्सन के सभी गाने पसंद हैं लेकिन उन्हें ‘बीट इज़...’ बेहद पसंद है.
प्रेरणा
बहुचर्चित फ़िल्म 'स्लमडॉग मिलिनेयर' के कोरियोग्राफ़र लॉन्जिनस फ़र्नांडिस कहते हैं कि उनको अपने काम की प्रेरणा माइकल जैक्सन से मिलती रही है.
फ़र्नाडिंस ने कहा कि वो जैक्सन के नाचने के अंदाज़ पर पूरी तरह फ़िदा हैं और उसे अपने तरीक़े से इस्तेमाल भी करते हैं.
फ़र्नाडिंस के मुताबिक माइकल जैक्सन दुनिया के पहले और शायद इकलौते ग्लोबल सुपरस्टार हैं.
उन्होंने कहा कि मुंबई की झोपड़ी-पट्टियों में आज भी लोग ये कहते सुने जा सकते हैं – अरे क्या माइकल जैक्सन लग रहा है यार.
फ़र्नांडिस ने बीबीसी से कहा, "जैक्सन की पहुंच ग़ज़ब की थी, फिर चाहे वो कोई भी वर्ग हो, अमीर हो या ग़रीब और छोटा हो या बड़ा, वो हर किसी के चहेते थे."
अंदाज़
मशहूर गायक उषा उथुप ने बीबीसी को बताया कि भारत में शायद ही कोई ऐसा कलाकार हो जो किसी न किसी रुप में माइकल जैक्सन से प्रभावित ना रहा हो.
उथुप कहती हैं, "सड़कों पर भी माइकल जैक्सन की टोपी पहने या उनके अंदाज़ में चलते लोग देखे जा सकते हैं. लोगों को ये कहते भी सुन सकते हैं कि तू क्या ख़ुद को माइकल जैकसन समझता है?"
उषा उथुप ने 1980 में माइकल जैक्सन के गाने 'डोन्ट स्टॉप टिल यू गेट एनफ़', को हिंदी में ढाला था. उस गाने को हिंदी में नाम दिया गया था 'चुपके'.
वैसे उथुप को जैक्सन का 'वी आर द वर्ल्ड'गाना बहुत पसंद है.


Click it and Unblock the Notifications