नाराज़ हैं नेपाल की सुंदरियाँ

इस वर्ष मिस नेपाल प्रतियोगिता को छठी बार टाल दिया गया है यही उनकी नाराज़गी की वजह है.
प्रतियोगिता इस सप्ताह के अंत में होनी थी लेकिन बताया जा रहा है कि नेपाल में सत्तारूढ़ माओवादी पार्टियों के दबाव के कारण इसे स्थानीय अधिकारियों ने टाल दिया.
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले महिलाओं ने 'परेशान' किए जाने की शिकायत की है.
उधर माओवादी नेताओं का कहना है इस तरह की प्रतियोगिता से कुछ समुदायों के साथ भेदभाव होता है और औरतों की छवि भी धूमिल होती है.
नेपाल में इस प्रतियोगिता की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने सेना के मुख्यालय में आयोजन करने का निर्णय लिया था.
लेकिन अंतिम समय में आयोजकों को काठमांडू के ज़िला प्रशासन की तरफ़ से एक पत्र मिला जिसमें लिखा था, "शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता को स्थगित कर दें."
छवि की चिंता
आयोजकों और प्रतिभागियों का आरोप है कि उन्हें आधी रात को धमकियाँ दी जा रही है
नेपाली माओवादी पार्टी की महिला इकाई ऑल नेपाल वूमेन आर्गेनाइजेशन (रिवोल्यूशनरी) इस प्रतियागिता का विरोध करने में आगे है. पिछले महीने प्रतियोगिता के आयोजक डाबर नेपाल के कार्यालय पर इस संगठन ने धावा बोल दिया था और अधिकारियों को कमरे में बंद कर दिया था.
माओवादी वरिष्ठ महिला नेता पम्फा भूसाल ने बीबीसी को बताया कि प्रतियोगिता कुछ जातीय समुदायों के साथ विभेद करती है और महिलाओं से टूथपेस्ट और शैम्पू का प्रचार करवा कर उनकी छवि को धूमिल करती है.
हालांकि आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता में कोई भी भाग ले सकते हैं और महिलाएँ बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुँचा रही है और समाजिक कामों के प्रचार में हिस्सा लेती है.
| ऐसा लगता है कि हम एक लोकतंत्र या गणराज्य में न होकर तानाशाही व्यवस्था में जी रहे हैं |
आयोजकों और प्रतियोगियों का कहना है कि उन्हें अज्ञात लोगों से धमकियाँ मिल रही हैं.
बहरहाल दिसंबर में दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में नेपाली प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना कम ही दिखती है.


Click it and Unblock the Notifications