..................... सौतेली नहीं सौत की सहेली: मेघा गुप्ता, I am step sister: Megha Gupta - Hindi Filmibeat

सौतेली नहीं सौत की सहेली: मेघा गुप्ता

By Staff

जनवरी माह में शुरू होने वाले चैनल “एन डी टी वी इमेजिन" पर जहां हर प्रकार के कार्यक्रमों का प्रसारण होने वाला है उनमें तय है कि दर्शकों को इस कार्यक्रम का इंतज़ार होगा जिसका नाम है “मै तेरी परछाईं हूं". इस शो की कहानी को सूरज बडजात्या ने परिभाषित करते हुए कहा था कि इस कार्यक्रम की परिकल्पना उन्होंने “सौतेली" शब्द से की थी. आम तौर पर इस शब्द का अर्थ हर नारी के जीवन में भूचाल लाने वाला होता है मगर सूरज के अनुसार यदि इस शब्द का संधि विच्छेद करें तो होगा “सौत+अली (सहेली)" जिसका अर्थ है सौत की सहेली. इसी को आधार बनाकर इस शो का निर्माण किया गया.

इस शो में सौतेली अर्थात सौत की सहेली का किरदार निभाने वाली मेघा गुप्ता से हमनें बात की जिनके किरदार का नाम है “आंचल". अपने कार्यक्रम के बारे में बताते हुए मेघा ने कहा “इससे पहले मैं कुमकुम तथा सी आई डी में पुलिस अफ्सर की भूमिका निभा चुकी हूं मगर यह किरदार मुझे बहुत अच्छा और दिलचस्प लगा.

इस शो में मैं एक शादीशुदा महिला की परछाई बनी हूं. एक टिकट की अदला बदली में मेरी पूरी ज़िंदगी बदल जाती है. मैं फैशन डिज़ाइन की पढाई करने के लिए अमेरिका जाने वाली रहती हूं. मगर कुछ ऐसा होता है कि अपने करियर, अपने होने वाले पति तथा ढेर सारे पैसों को छोडकर मैं उस लडकी की ज़िंदगी जीती हूं जिसके तीन बच्चे तथा एक पति है.“
आंचल आम लडकियों से कितनी अलग है ? “आंचल का किरदार काफी बबली है वह आम लडकियों की तरह सामान्य लडकी है. जिसके पास सब कुछ है मगर उसे छोडकर उसे दस साल, छ: साल तथा तीन साल के बच्चों की मां बनना पडता है.“ अपने किरदार को बताते हुए मेघा स्वयं सवाल करती हैं “क्या आप उस मोड पर तीन बच्चों की मां बनना पसंद करेंगी जब जीवन में सब कुछ आपके अनुकुल हो रहा हो. महत्वाकांक्षी लडकी होने के बावजूद घर गृहस्थी का भार कंधे पर लेने वाली लडकियां बहुत कम होंगी.“

पारीवारिक पहलुओं पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म बनाने वाले बडजात्या समूह के साथ काम करने के अनुभव के बारे में मेघा का कहना है “मेरे लिए “कुमकुम" और “सी आई डी" में काम करना अच्छा अनुभव था मगर राजश्री के साथ काम करना मेरे लिए बहुत बडी उपलब्धि है. वह इस इंडस्ट्री में तब से हैं जब हम पैदा भी नहीं हुए थे. सूरज जी तो मुझे राजश्री की बहू कहते हैं.“

रोज़ के कार्यक्रमों से यह कितना अलग होगा ?
“मैं सिर्फ कहने के लिए नहीं कहूंगी कि यह सबसे हटकर है मगर आप यकीन करें कि मैं इस बात का अर्थ समझते हुए आपसे यह कह रही हूं. वैसे कार्यक्रम शुरू होगा तो आप खुद देख कर मेरी बात का ऐतबार करेंगे. आम तौर पर रोज़ के धारावाहिकों में पति पत्नी तथा सास बहू की कहानी होती है मगर इस शो में दो लडकियों की कहानी है. जो एक दूसरे की सौतन नहीं सहेली हैं. मैं सूरज जी के “सौतेली" शब्द से काफी प्रभावित हुई हूं.“

मेघा के खिलखिलाते चेहरे को देखकर इस बात का अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल है कि वह इस शो में तीन साल से दस साल के बच्चों की मां का किरदार निभा रही हैं. जब मेघा से यही सवाल किया गया तो उसने कहा “यही इस शो का मुख्य आकर्षण है कि किसलिए, क्यों और कैसे आंचल, जो खुद बाईस साल की चंचल लडकी है, दस साल के बच्चे की मां बन जाती है.“ अपने अनुभव के बारे में बताते हुए मेघा ने कहा “सेट पर बच्चों के साथ हम बहुत मस्ती करते हैं. हमारे साथ हमारे निर्देशक भी बच्चे बन जाते हैं.“

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