'जिनको भाई मानता था उन्होने भी गालियां दीं'- आदिपुरुष विवाद पर छलक गया मनोज मुंतशिर का दर्द!

आदिपुरुष के रिलीज के बाद जिस तरह का बवाल देखने को मिला था वो किसी से छिपा नहीं है। इस फिल्म के डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर से भी इस बारे में ढेरों सवाल किए गए थे। हालांकि अब मनोज का दर्द छलक उठा है और उन्होने कुछ ऐसा कह डाला है जो कि खबरों का हिस्सा है लोग कई तरह की बातें कर रहे हैं।
मनोज मुंतशिर इसलिए काफी ज्यादा दुखी हैं क्योंकि वो जिनको अपना भाई मानते थे उन्होने भी उनको गालियां और अपशब्द कहे हैँ। मनोज ने अपने दर्द को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है और लिखा है,
''जिन लोगों को मैं अपना भाई मानता था, उन्होंने सोशल मीडिया पर मेरे लिए अशोभनीय शब्द लिखे। जिन्हें मैं अपना मानता था और उनकी मांओं के लिए कविताएं पढ़ता था, उन्होंने मेरी मां को गालियां दीं।" इसके बाद उनका पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कई तरह की बातें कर रहे हैं।
मनोज शुक्ला (मुंतशिर) को कई लोगों दूसरे धर्म का समझ कर भी ट्रोल कर रहे थे। हालांकि इसके कई पहलू हैं और वो काफी ज्यादा दुखी हैं। मनोज ने ये पोस्ट 18 जून को किया था लेकिन अब वो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कई तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
एक ने लिखा है, ''मंजन शुक्ला, सीधे-सीधे माफी मांगो। ऐसे विक्टिम वाली पतली गली से नहीं निकलने देंगे रामभक्त।'' एक का कहना था, फिल्म सनातन सेवा के लिए नहीं बनाई गई है। सनातन के पुनः उदय और जागरण की भावना को भुना अपनी जेब भरने के लिए बनाई गई है।
अगर उद्देश्य धर्म जागरण होता तो "जलेगी तेरे बाप की" जैसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होता। रामायण के मूल रूप का सम्मान करते हुए आम बोल चाल की भाषा में भी डायलॉग्स लिखे जा सकते थे। और कुछ नहीं तो किसी रामलीला का वीडियो ही देख लेते।'' इस तरह से लोग उनको ट्रोल कर रहे हैँ। हालांकि अब फिल्म से वो विवादित डायलॉग हटा दिए गए हैं।


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