मनोज कुमार को मिला भारत गौरव पुरस्कार

मनोज कुमार का असल नाम हरिशंकर गिरी गोस्वामी है। मनोज कुमार हमेशा से दिलीप कुमार के बहुत बड़े फैन रहे हैं और इसी बजह से दिलीप कुमार की फिल्म शबनम में उनके मनोज नाम के किरदार से प्रेरित हो मनोज कुमार ने अपना नाम मनोज कुमार रख लिया।
अपने करियर की शुरुआत में मनोज कुमार ने कांच की गुड़िया, पिया मिलन की आस और रेशमी रुमाल जैसी फिल्में की जिसमें उनकी हिरोइन सईदा खान थी। इसके बाद माला सिन्हा, साधना जैसी हिट हिरोइनों के साथ हरियाली और रास्ता, वो कौन थी, हिमालया की गोद में जैसी फिल्मे की जो बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रहीं।
मनोज कुमार अपनी देश प्रेम पर आधारित फिल्मों को लेकर काफी चर्चा में रहे। देश प्रेम हीरो की भूमिका करने की शुरुआत हुई फिल्म शहीद से जो कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह पर आधारित थी। उसके बाद मनोज कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर फिल्म उपकार से निर्देशन में कदम रखा। उपकार फिल्म काफी हिट हुई और अपनी पहली निर्देशित फिल्म के लिए मनोज कुमार को फिल्मफेयर के बेस्ट डायरेक्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उसके बाद मनोज कुमार ने पूरब और पश्चिम, बेईमान, शोर, रोटी कपड़ा और मकान,सन्यासी, दस नम्बरी आदि कई फिल्में की जो एक बाद एक बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रहीं।
मनोज कुमार का अपने हाथों से अपने चेहरे को ढंकने का स्टाइल काफी फेमस हुआ था बाद में कॉमेडीयन्स द्वारा भी ये स्टाइल काफी प्रयोग किया गया। 2007 में शाहरुख खान की फिल्म ओम शांति ओम में शाहरुख द्वारा इसी स्टाइल को बिना अनुमति प्रयोग करने के लिए मनोज कुमार द्वारा केस भी फाइल किया गया जो कि बाद में कोर्ट में सेटल हुआ।
मनोज कुमार का मानना है कि असली अवार्ड तो बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता है। अपने इंटरव्यू में उन्होने कहा "जब दर्शक फिल्म को देखते हैं और फिल्म को अच्छी शुरुआत मिलती है तो वही असली अवार्ड होता है।"
मनोज कुमार फिल्हाल एक नई फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं जो कि आम इंसान की रोजमर्रा की मुश्किलों पर आधारित होगी। अपनी फिल्म के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा "मै बहुत सारे लोगों से बात करके उनके द्वारा रोज सामना की जाने वाली मुश्किलों के बारे में जानने की कोशिश कर रहा हूं। "
अपनी इस फिल्म में मनोज कुमार फिल्मी दुनिया के नामचीन सितारों को लेने की योजना बना रहे हैं।


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