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Exclusive- मनोज बाजपेयी ने कहा शाहरुख से मेरा कोई कंपेरिसन नहीं!

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बॉलीवुड में अपनी अलग तरह की और दर्शको में अपनी फिल्मों के जरिये एक नयी सोच पैदा करने वाली फिल्में देने वाले एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म सत्याग्रह जल्द ही थियेटरों में रिलीज होने वाली है। सत्याग्रह फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक बार फिर से एक पॉलिटीशियन का किरदार निभाया है। अपनी फिल्म सत्याग्रह के बारे में बात करते हुए मनोज बाजपेयी कहते हैं कि सत्याग्रह फिल्म में मेरा किरदार बहुत ही काइंयां है जो कि अपना फायदा सोचता है। मनोज बाजपेयी ने कहा कि सत्याग्रह में उनका किरादर सीरियस भी है तो साथ ही वो किरदार मजाकिया भी है। इसी वजह से उन्होंने ये फिल्म करने के लिए हां कहा था। लेकिन इसके बाद वो अब राजनीती से जुड़े कोई किरदार नहीं करना चाहेंगे।

मनोज बाजपेयी से जब वनइंडिया ने मसाला फिल्मों को लेकर उनके विचार जानने चाहे तो मनोज बाजपेयी ने कहा कि शाहरुख खान की एक स्टार पावर है। शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान इनकी फैन फॉलोइंग काफी ज्यादा है लोग इन्हें देखना चाहते हैं। शाहरुख खान जैसी मेरे फैन फॉलोइंग नहीं है ये मैं मानता हूं। रोहित शेट्टी की फिल्में एक फुल मसाला फिल्में होती हैं इन्हें लोग पसंद करते हैं। सिनेमाहॉल में जाते हैं देखते हैं और वापस आ जाते हैं। मेरी फिल्मों से लोगों को कुछ आशा होती है कि फिल्म में कुछ नया होगा। कुछ हटकर होगा। इसलिए मेरी फिल्मों की एक अलग ऑडीयंस है।

मनोज बाजपेयी ने ये भी कहा कि उनकी फिल्मों के ज्यादा बिजनेस ना करने के पीछे वजह ये है कि उनकी अधिकर फिल्में ए सर्टिफिकेट होती हैं। इस वजह से एक लिमिटेड ऑडियंस ही उनकी फिल्में देख पाती है।

सत्याग्रह अन्ना हजारे पर नहीं आधारित

सत्याग्रह अन्ना हजारे पर नहीं आधारित

सत्याग्रह फिल्म के अन्ना हजारे के आमरण अनशन पर आधारित होने की बात पर मनोज बाजपेयी ने कहा कि अन्ना हजारे ने किसी निजी मसले को लेकर अनशन नहीं किया था। सत्याग्रह फिल्म में अमिताभ बच्चन ने अपने निजी मसले को लेकर अनशन किया है। ये एक बाप बेटे की कहानी है।

अनशन तो हर जगह एक जैसे ही होते हैं

अनशन तो हर जगह एक जैसे ही होते हैं

मनोज बाजपेयी ने कहा कि अनशन तो हर जगह एक जैसे ही होते हैं। अमिताभ बच्चन को फिल्म में अनशन करते देखकर लोगों को लगा कि ये अन्ना हजारे पर आधारित है लेकिन अनशन की बात है तो अनशन तो चाहे अन्ना हजारे का हो, या अमिताभ बच्चन का उसे करने का तरीका तो एक ही होगा।

शाहरुख खान से कोई कंपेरिसन नहीं

शाहरुख खान से कोई कंपेरिसन नहीं

मनोज बाजपेयी ने आजकल की मसाला फिल्मों के बारे में बात करते हुए कहा शाहरुख खान की एक स्टार पावर है जो मेरी नहीं है। शाहरुख खान को लेकर मनोज बाजपेयी ने कहा कि शाहरुख खान को लोग देखना चाहते हैं।

मेरी फिल्में ए सर्टिफिकेट फिल्में होती हैं

मेरी फिल्में ए सर्टिफिकेट फिल्में होती हैं

मनोज बाजपेयी ने कहा कि मेरी फिल्मों की कमाई इसलिए भी कम होती है क्योंकि मेरी अधिकतर फिल्में ए सर्टिफिकेट होती हैं और ए सर्टिफिकेट फिल्मों की ऑडियंस पहले ही लिमिटेड होती हैं। तो वहां से भी कमाई कम हो जाती है।

पहले तो मैं खाली बैठा रहता था

पहले तो मैं खाली बैठा रहता था

मनोज बाजपेयी ने कहा कि पहले तो मैं सालों तक खाली बैठा रहता था क्योंकि मुझे मेरी तरह की फिल्में नहीं मिलती थीं। लेकिन आजकल कई सारी मेरे टाइप की फिल्में बन रही हैं। इसलिए मैं आजकल कई सारी फिल्में कर रहा हूं।

English summary
Manoj Bajpai says Satyagraha is not based on Anna Hazarae movement as Anna Hazare did not do strike for personal reasons. But in Satyagraha movie Amitabh Bachchan is doing it for his personal reason. Manoj Bajpai also said that he said yes to Satyagraha because this was different from his earlier characters.

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