Manny- पहली ऐसी भारतीय Sci-fi फ़िल्म, जिसने मियामी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीते 4 बड़े अवार्ड्स
फ़िल्म मैनी की भारतीय निर्माता सोनल सहगल के लिए ये पल किसी जश्न से कम नही क्योंकि मैनी बनी हैं पहली भारतीय फिल्म पहली Sci-fi फ़िल्म, जिसने मियामी इंटरनेशनल sci-fi फ़िल्म फेस्टिवल में जीते 4 बड़े अवार्ड्स ।
इंडो-लैटवियन साई-फाइ थ्रिलर फिल्म 'मैनी' के निर्देशक हैं डेस पक और इसकी लेखिका हैं सोनल सहगल, साथ ही फ़िल्म कोप्रोड्यूस किया हैं क्रिस्टल पुड़ाने और मराना प्रोडक्शन ने।ये अवार्ड कल रात को ही सफलतापूर्वक सम्प्पन हुआ।

फेस्टिवल के अनुसार डायरेक्टर ट्रॉय कहते हैं कि ' मैनी फ़िल्म को सबसे ज्यादा नॉमिनेशन मिले थेऔर जिसने सबसे ज्यादा अवार्ड अपने नाम किये। इस फेस्टिवल में 120 फिल्मो का चुनाव हुआ था जो 30 अलग-अलग देशो से आयी थी।
फ़िल्म मैनी ने सर्वश्रेष्ठ Sci-fi पिक्चर रनर अप का अवार्ड मिला, सर्वश्रेष्ठ छायाचित्रण का पुरष्कार गेटिस ग्रीनबर्गस को दिया। बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर का अवार्ड नरेश कामथ और बेस्ट सहनायक का अवार्ड जीता एक्टर टोनी हॉकिंन्स।
कहा जाए तो इस फेस्टिवल की ज्यूरी से बहुत दिग्गज जुड़े हुए थे । डेविड गररोल्ड, जिन्होंने स्टार ट्रेक की ओरिजनल स्क्रिप्ट लिखी थी। अमेरिकन फ़िल्म मेकर और प्रोड्यूसर मेयर बर्नेट और नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट।
बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर के लिए इंटरनेशनल अवार्ड जीतनेवाले कंपोजर और सिंगर नरेश कामथ इस जीत के लिए बहुत खुश हैं जो इस फ़िल्म के दो ओरिजनल साउंड ट्रैक के कंपोजर भी हैं और गायक भी हैं। 'इस महामारी ने हमे काम को एक नए ढंग से करने की सीख दी। इस पूरी यात्रा में मैं और डायरेक्टर डेविड, ऑनलाइन ही बात कर पाते थे। मैंने इसके पहले फिल्मो में बैकग्राउंड स्कोर दिया था पर ऐसा पहली बार हुआ हैं जब स्टूडियो में बिना डायरेक्टर की मौजूदगी से इतना बड़ा काम हुआ और जो काम कर गया'।
कोरोना काल के चलते मियामी फ़िल्म फेस्टिवल का आयोजन ऑनलाइन पर ही किया गया। सारी स्क्रीनिंग और फंक्शन फेस्टिवल के वेबसाइट पर ही किये गए जहा 30 देशो से प्रतिभागी जुड़े थे।
बहुत ही गौरव अनुभव अनुभव करती हुई, इंडियन फ़िल्म प्रोडूसर सोनल कहती हैं " समय की अनियमित्ता और समय का आकलन ठीक से न हो पाने के कारण मैंने इतना बड़ा पल खो दिया। मुझे लगा कि ये दिन होगा बाद में और फिर मैं जब सोकर उठी तब कुछ मैसेज और कुछ फ़ोन जो चूक गए थे उसमे हमारे डायरेक्टर ट्रॉय बर्नर ने बताया कि हमे ढेर सारा अवार्ड मिला हैं और मेरे लिए ये सब एक सपने जैसा था।"
ये फ़िल्म एक ऐसे भारतीय महिला के सफर की कहानी हैं जो लटविया जाती हैं ,एक लेखक के तौर पर आत्मकथा लिखने जो खुद अपने अस्तित्व की तलाश में ,समलैगिंकता से जूझ रही हैं। जिसकी जिंदगी में काफी सारे मोड़ आते हैं जब तीन प्यार की राहों में वो आकर फसती हैं एक असल मे, दूसरा जो उसकी कल्पना में हैं और तीसरा जो उसके साथ हैं यानि की आदमी, औरत और वो खुद।
फ़िल्म कहानी आपको बांधे रखती हैं। एक घर में जहा इसे कैद कर लिया जाता हैं जहाँ वो बहुत ही बहादुरी से अपनी खुद की सच्चाई का सामना करती हैं और उस कैद से भागकर निकलने में कामयाब होती हैं।
मैनी फ़िल्म , काफी फ़िल्म फेस्टिवल में जा चुकी हैं और सफलतापूर्वक दिखाई जा चुकी हैं। इसे सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए 'यूरोपियन सिनेमाटोग्राफी' का अवार्ड भी मिल चुका हैं।


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