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    जब मनीषा कोइराला के लिए दिलीप साब ने कहा, नज़र उतारो

    By सुप्रिया सोगले - मुंबई से, बीबीसी हिंद
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    'बॉम्बे', '1942 - अ लव स्टोरी' और 'दिल से...' जैसी फ़िल्मों में अपनी अदायगी और ख़ूबसूरती का जादू बिखेर चुकी 90 के दशक की सफल अभिनेत्री मनीषा कोइराला एक बार फिर फ़िल्म 'डियर माया' में बड़े परदे पर नज़र आएंगी.

    अपने 26 साल के फ़िल्मी करियर में मनीषा कोइराला ने फ़िल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम किया.

    बीबीसी हिंदी से ख़ास बातचीत में मनीषा कोइराला ने अपनी पहली फ़िल्म 'सौदागर' में दिलीप कुमार के साथ बिताए पल को याद करते हुए कहा, "अपनी पहली ही फ़िल्म में दिलीप साहब और राजकुमार जी के साथ काम करते समय मैं बहुत घबराई हुई थी. एक सीन के बाद दिलीप साहब ने मेरी माँ से कहा कि इसकी नज़र उतार लो. उन्होंने मेरे काम के लिए मुझे शाबाशी दी और आशीवार्द भी दिया. राजकुमार जी ने भी मुझे बहुत प्यार दिया."

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    राजनी तिक पृष्ठभूमि

    नेपाल के राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा कोइराला के माता पिता उनके फ़िल्मों में अभिनय करने के ख़िलाफ़ थे.

    मनीषा का मानना है कि उस दौरान फ़िल्म इंडस्ट्री के बारे में बहुत ख़राब बातें लिखी जाती थीं और अच्छे घराने की लड़कियां फ़िल्मों में नहीं आना चाहती थीं.

    उनके माता-पिता इस व्यवसाय में काम करने के ख़िलाफ़ थे, सिर्फ उनकी दादी ने ही उनका समर्थन किया था.

    जब वो कुछ बेहतरीन फ़िल्मों का हिस्सा हुईं तो उनके घर का विरोध भी ख़त्म हो गया.

    फ़िल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई से वाकिफ़ मनीषा कोइराला ने माना कि हर अभिनेता चकाचौंध से भरी इस दिखावटी दुनिया में अकेलपन का शिकार होता ही है.

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    मनीषा कोइराला
    DIBYANGSHU SARKAR/AFP/GETTY IMAGES
    मनीषा कोइराला

    हिट और फ़्लॉप

    वो कहती हैं, "हमारे व्यवसाय में बहुत ही असुरक्षा है. पहले आपको जी तोड़ मेहनत करके सबसे ऊपर पहुंचना होता है और ऊपर पहुँच कर भी आप के पास कोई गारंटी नहीं होती कि आप कब तक वहाँ टिके रहेंगे. एक फ़िल्म फ़्लॉप होगी और आप अकेले हो जाएंगे. जो दर्शक आपको सराहते हैं वो उसके पास चले जाते हैं जिसकी फ़िल्म हिट होती है. हम अभिनेता हर घड़ी इसी सोच से जूझते रहते हैं."

    अपने ज़िन्दगी में कई हिट और फ्लॉप का सामना कर चुकी मनीषा ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देख लिए हैं और सच्चाई को स्वीकार कर लिया है.

    जहाँ मनीषा ने इतनी बेहतरीन फ़िल्में कीं, वहीं इंडस्ट्री में दोस्ती के लिए कुछ ख़राब फ़िल्मों का भी हिस्सा बनीं जिसका मनीषा को बेहद अफ़सोस है.

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    'डि र माया'

    मनीषा को कोई अफ़सोस नहीं है कि 90 के दशक के अभिनेता अभी भी आधी उम्र की अभिनेत्रियों के साथ हीरो के किरदार निभा रहे हैं.

    वो कहती हैं, "वो अच्छी फ़िल्में बना रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं है. आज अभिनेत्रियों को भी अच्छे किरदार मिल रहे हैं. आज दर्शक बदल गए है वो सिर्फ़ जवान अभिनेत्रियों को ही नहीं बल्कि अधेड़ उम्र की अभिनेत्रियों की कहानी भी देखना चाहते हैं. मुझे उम्मीद है कि भविष्य में हम जैसी अभिनेत्रियों को और बेहतर अवसर मिलेंगे."

    सुनयना भटनागर द्वारा निर्देशित 'डियर माया' में मनीषा कोइराला अहम भूमिका में दिखेंगी.

    फ़िल्म एक अधेड़ उम्र की महिला के अकेलेपन और उम्मीद की कहानी है. यह 2 जून को रिलीज़ होगी.

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    BBC Hindi
    English summary
    Manisha Koirala talks about career Personal life and upcoming movie dear maya,

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