For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    'हर नई फ़िल्म एक नया संघर्ष है'

    By Ankur Sharma
    |

    ‘फ़िल्म निर्माण ऐसा काम है जहां हर नई फ़िल्म के साथ संघर्ष की एक नई कहानी शुरू हो जाती है. आपको नहीं पता होता कि इसका परिणाम सुखद होगा या नहीं लेकिन उत्साह में आप सब कुछ करते हैं’. ये कहना है जाने माने फ़िल्मकार मणिरत्नम का.

    हिन्दी और तमिल सिने जगत में अपनी एक ख़ास जगह रखने वाले मणिरत्नम ने बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि.

    मणिरत्नम कहते हैं कि फ़िल्मों के प्रति उनका जुनून ही उनकी प्रेरणा और ताक़त है. लेकिन वे मानते हैं कि उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हे बहुत सहायता दी है. ‘अच्छी शिक्षा नए और प्रगतिशील विचारों के लिए ज़मीन तैयार करती है’.

    तकनीकी रूप से बेहतरीन फ़िल्मों के लिए प्रसिद्ध मणिरत्नम कहते हैं कि वे अपनी बनाई फ़िल्मों में से किसी को भी बेहतर या कमतर नहीं कह सकते हैं. मणि का कहना है कि ‘अगर अंतिम तौर पर मैं अपनी फ़िल्म अपनी सोच के मुताबिक़ ढाल पाता हूं तो फिर मेरे लिए यह बहुत है’.

    ‘रोजा’, ‘दिल से’, ‘बॉम्बे’ और ‘युवा जैसी विषय प्रधान फ़िल्में बनाने वाले मणि कहते हैं कि उनकी फ़िल्में उनके व्यक्तित्व का वृहद रूप हैं लेकिन इनके ज़रिए वे अपनी सोच नहीं थोपते.

    मणिरत्नम नहीं मानते कि कोई किसी को कुछ सिखा सकता है. वे कहते हैं कि ‘मैं फ़िल्मों के ज़रिए सिर्फ़ अपने विचार बांटता हूं, कुछ सिखाने की कोशिश नहीं करता’

    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X