सेंसर बोर्ड तो समाज का कैंसर है: मल्लिका शेरावत

मल्लिका यह बिंदासपन उन्हें आलोचकों के सामने ला कर खड़ा कर दिया है और लोगों को बहस करने का मौका दे दिया है। जहां आलोचक कह रहे हैं कि मल्लिका शेरावत ने एक तरह से कानून व्यवंस्था पर अंगुली उठायी है वहीं दूसरी ओर कुछ लोग कह रहे हैं मल्लिका जानबूझकर इस तरह की बातें कर रही हैं।
क्योंकि उनके पास लोगों को अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए और कोई हथकंडा नहीं है, काम तो उनके पास है नहीं इसलिए वो इस तरह की फालतू बात कर रही हैं। खैर देखना दिलचस्प होगा कि मल्लिका की यह बयानबाजी उन्हें कहां तक ले जाती है?


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