अवॉर्ड पाने का सपना पूरा करना चाहती हैं माला सिन्हा

माला सिन्हा ने 1952 में रिलीज हुई फिल्म सुहागन से अपने करियर की शुरुआत की थी। उस फिल्म में उनके साथ गुरु दत्त भी मुख्य भूमिका में थे। माला सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा "फिल्म इंडस्ट्री तकनीकी तौर पर काफी बदल गयी है। जब हम काम करते थे उस समय में और आज के समय में काफी अंतर आ चुका है। काश की मैं आज की हिरोइन होती तो ये काफी मजेदार होता।" आजकल के अवॉर्ड फंक्शन के बारे में बात करते हुए माला सिन्हा ने कहा कि आजकल अवॉर्ड फंक्शन की संख्या काफी बढ़ गयी है। अगर मैं भी आज की एक्ट्रेस होती तो लोग मुझे भी टीवी पर अवॉर्ड पाते हुए देखते।
अव़ॉर्ड फंक्शन के बारे में बात करते हए माला सिन्हा ने कहा "मैं टीवी पर अवॉर्ड फंक्शन देखती हूं। हर हफ्ते टीवी पर कोई ना कोई अवॉर्ड फंक्शन होता है। वक्त काफी बदल गया है। हमारे समय में हम लोग फिल्मफेयर ट्रॉफी के लिए काफी मेहनत करते थे। बहुत मुश्किल से हमें अवॉर्ड मिलता था। लेकिन आज अवॉर्ड्स की कोई सीमा नहीं है। काश की मैं आज हिरोइन होती और आप सभी मुझे टीवी पर हर हफ्ते अवॉर्ड लेते हुए देखते।" ज्ञात हो कि माला सिन्हा को अपने जमाने में चार बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था लेकिन उन्हें कभी भी ये अवॉर्ड नहीं मिला।


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