जॉन की इतनी मेहनत के बावजूद मद्रास कैफे की रिलीज पानी में!
जॉन अब्राहम की मद्रास कैफे को लेकर विवादों के बढ़ते चले जाने के आसार नज़र आ रहे हैं। फिल्म के दौरान मीडिया से बातचीत के चलते जॉन ने कहा था कि उनकी फिल्म मद्रास कैफे में कुछ भी एंटी तमिल नहीं है। लेकिन पता नहीं लोगों को क्यों ऐसा लग रहा है कि फिल्म एंटी तमिल है। जॉन ने ये भी कहा कि जो लोग फिल्म को एंटी तमिल कह रह हैं वो जाकर पहले फिल्म को देखें और तब बात करें। अगर फिल्म को देखने के बीाद भी उन्हें लगता है कि फिल्म एंटी तमिल है तो वो चाहे जो भी करें। लेकिन जॉन का ये पासा भी गलत पड़ गया। जॉन की फिल्म को देखने के बाद तमिल के कुछ संगठनों ने फिल्म को सीधे सीधे एंटी तमिल घोषित कर दिया है। और फिल्म की रिलीज को रोकने का भी आदेश दिया है।
मद्रास कैफे फिल्म को लेकर जॉन काफी उत्साहित थे क्योंकि फिल्म के निर्माता वो हैं और फिल्म में मेन लीड भी उन्होंने ही निभाया है। इस तरह से जॉन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। मद्रास कैफे में श्रीलंका में चल रही कुछ मुश्किलों को दिखाया गया है। फिल्म में जॉन अब्राहम ने एक जासूस की भूमिका निभाई है। तमिल संगठनों मक्कल काची (पीएमके) और तामतिझार काची (एनटीके) ने जब फिल्म देखी तो उन्होंने आरोप लगा दिया कि मद्रास कैफे में तमिल की संगठन जिसे टाइगर और तमिल भी कहते हैं को लेकर काफी कुछ गलत दिखाया गया है और इस वजह से वो फिल्म को तमिनाडू में रिलीज नहीं होने देंगे।
उने इस फैसले से जॉन की सारी मेहनत और उनकी सारी कोशिशें खटाई में पड़ गयी हैं। अब मद्रास कैफे को तमिनाडू के सिनेमाहॉल भी नहीं मिलेंगे रिलीज के लिए। जिसके चलते फिल्म के बिनजेस में भी काफी कमी आएगी।


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