बच्चे को लेकर मैडोना फिर विवाद में

संस्था ने मैडोना से अनुरोध किया है कि वे अपने इस निर्णय पर एक बार फिर से विचार करें.
उसका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद लेने की वजह से एक ऐसी व्यवस्था बनती जा रही है जिसमें या तो बच्चों का उनके घरों से अपहरण हो रहा है या फिर माँ-बाप बच्चों को छोड़ रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि मैडोना ने तीन साल पहले मलावी से एक बच्चे को गोद लिया था और इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि मलावी के क़ानूनों के अनुसार कोई विदेशी मलावी बच्चों को गोद नहीं ले सकता.
'सेव द चिल्ड्रन' का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद तभी लेना चाहिए जब कोई और विकल्प न हो और ऐसा तभी करना चाहिए जब यह पूरी तरह से साबित हो जाए कि बच्चा अनाथ ही है.
मलावी जाएँगीं मैडोना
इस बार मैडोना मर्सी जेम्स नाम की 14 महीने की एक बच्ची को गोद लेना चाहती हैं.
संभावना है कि इसके लिए मैडोना सप्ताहांत में मलावी पहुँच जाएँगीं और सोमवार को हाईकोर्ट में गोद लेने की क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगीं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि इस बच्ची के माँ और बाप दोनों नहीं हैं और गोद लेने के पहले की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
यह बच्ची डेविड बैंडा की बहन बनेंगी. अफ़्रीकी मूल के डेविड को तीन साल पहले मैडोना ने गोद लिया था.
मैडोना का कहना है कि उनके बहुत से मलावियन मित्रों का कहना है कि मलावी से डेविड की एक बहन आनी चाहिए इसलिए वे इस पर विचार कर रही हैं.
लेकिन 'सेव द चिल्ड्रन' की आपत्ति के बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया है.
न्यूयॉर्क में मैडोना की प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. उधर मलावी में उनकी वकील ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
इस तरह गोद लेने का विरोध करने वालों का कहना है कि मलावी की सरकार इस मामले में क़ानून को अनदेखा कर रही है.


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