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    मधुशाला अब नए रुप में...

    By Staff
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    दुर्गेश उपाध्याय

    बीबीसी संवाददाता, मुंबई

    जाने माने कवि और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के पिता डा.हरिवंशराय बच्चन की 102वीं वर्षगांठ के मौके पर उनकी अमर कृति मधुशाला को नई शक्ल में पेश किया गया.

    मुंबई में हुए इस समारोह में बच्चन संध्या का आयोजन किया गया जहां अमिताभ बच्चन अपने पूरे परिवार के साथ मौजूद थे.

    ये बच्चन परिवार के लिए कविता की मदहोशी में डूब जाने वाली शाम थी. डा. हरिवंश राय बच्चन की सबसे महत्वपूर्ण रचना संग्रह के अंग्रेजी संस्करण और उनकी पोती और छोटे बेटे अजिताभ की बेटी नम्रता बच्चन की इन जीवनरस को घोलने वाली कविताओं के ऊपर चित्रकारी को उनकी इस अमर कृति में शामिल किए जाने को लेकर बच्चन संध्या के इस आयोजन में पूरा परिवार मौजूद था और काफ़ी उत्साहित भी.

    भई हो भी क्यूं ना, बात बाबू जी की थी...बात उस व्यक्ति की जिससे ये परिवार बना और जिसके दिए हुए नाम ‘’बच्चन’’ से इस परिवार की पहचान क़ायम है.

    इस ख़ास मौके पर जहां खुद अमिताभ ने मधुशाला की कुछ चुनिंदा कविताओं का पाठ किया वहीं जया ने भी उनका साथ निभाया. साथ ही पौत्र अभिषेक और पौत्रवधु एश्वर्या राय बच्चन ने भी मधुशाला की कुछ पंक्तियां पढ़ी.

    अभिषेक बच्चन इस मौके पर काफ़ी उत्साहित थे. उनका कहना था, "आज पहली बार मैं, एश्वर्या, मेरी बड़ी बहन और मेरे कज़िन्स दादाजी की कविताएं पढ़ने वाले हैं." अपने दादाजी की कविताओं में से अभिषेक की पसंदीदा 'अग्निपथ' है. अभिषेक कहते हैं, " जब भी आप दुखी हों या किसी मुश्किल में हो, ऐसे में 'अग्निपथ' पढ़ने से आत्मविश्वास मिलता है."

    मधुशाला के इस नए संस्करण की ख़ास बात ये है कि ये हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों संस्करणों में उपलब्ध होगी. साथ ही इसमें अमिताभ के भाई अजिताभ बच्चन की बेटी नम्रता बच्चन ने कविताओं को अपनी चित्रकारी के ज़रिए भी उभारा है जो कि किताब में ही छपी हैं. नम्रता की चित्रकारी में गहरी रुचि है.

    इस मौके पर बात करते हुए जया बच्चन ने कहा, "हमारी योजना इस नए संस्करण को बच्चन जी की 100 वीं वर्षगांठ के मौके पर ही रीलीज़ करने की थी लेकिन किसी वजह से हम पिछले दो साल इसे नहीं कर पाए इसलिए हम इसे अब रीलीज़ कर रहे हैं".

    जया बच्चन ने ये भी बताया कि बच्चन जी की हिंदी कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद मार्जरी बोल्टन ने एक और प्रवासी भारतीय के साथ मिलकर किया है. इससे पहले उनकी (मार्जरी बोल्टन) किताब हाउस ऑफ वाइन का ही ये परिष्कृत रुप है.

    इस मौके पर जब ऐश्वर्या से ये पूछा गया कि क्या उन्होंने मधुशाला पढ़ी है तो उनका कहना था, "पूरी तो नहीं पढ़ी है लेकिन जितना भी मुझे पारिवार के सदस्यों से सुनने को मिला है वो बहुत ही सुखद है." इस मौके पर फ़िल्म जगत की कई जानी मानी हस्तियों ने भी शिरकत की.

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