पाकिस्तान के शख्स ने खोली Heeramandi की पोल, कहा- 'भंसाली की वेब सीरीज में कोई सच्चाई नहीं'

Heeramandi Reality Check: फेमस डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की पहली स्ट्रीमिंग वेब सीरीज, नेटफ्लिक्स की 'हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार', को लेकर इन दिनों काफी ज्यादा बज है। यह वेब सीरीज आजादी से पहले लाहौर में, तवायफों और रईसों की दुनिया पर आधारित है, जो असल जिंदगी में हीरामंडी में रहते थे। यह एरिया, बादशाही मस्जिद के बगल में है। यह आजादी से पहले के सालो में एक कल्चरल सेंटर था, लेकिन अब यह काफी बदल गया है।
बीबीसी की एक नई रिपोर्ट में वहां के स्थानीय निवासी को पिछले कुछ सालों में पड़ोस के विकास के बारे में जानकारी देते हुए दिखाया गया है। इबरार हुसैन ने कहा- 'हीरामंडी ने कई बदलाव देखे हैं। मुगल काल के दौरान यह अलग हुआ करता था, सिख काल के दौरान यह बदल गया और फिर अंग्रेजी कब्जे के दौरान यह फिर से बदल गया और विभाजन के बाद, यह फिर से बदल गया। सरकार ने अब हीरा मंडी को फूड स्ट्रीट बना दिया है। जो महिलाएं यहां रहती थीं वे बाहर चली गईं और उनके परिवार लाहौर के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। 1990 में बाजार बंद कर दिया गया, जिसके बाद यहां रहने वाली सभी महिलाएं चली गईं।"
उन्होंने आज की हीरामंडी के कई अलग-अलग एरिया के बारे में बताया। संकरी गलियों और पुराने घरों को दिखाया, जिन्हें वेश्यावृत्ति पर सरकारी कार्रवाई के बाद 'प्लाजा' में बदल दिया गया है। लेकिन मुट्ठी भर पुराने घर अभी भी खड़े हैं, लेकिन वो बेहद ही खराब स्थिति में हैं।
उन्होंने आगे कहा, "संजय लीला भंसाली की हीरामंडी में दिखाए गए विशाल सेटों का यहां की जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। ये घर 'कोठे' थे, इनकी इंटीरियर डिजाइन तो बेहतरीन था, लेकिन यह कोई भव्य जगह नहीं थी। महिलाएं झरोखों पर खड़ी होकर अपने ग्राहकों का इंतजार करती थीं। वे सीढ़ियां चढ़ते और उनका प्रदर्शन देखते। वे पुराने घर ज्यादातर नष्ट हो गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "सच्चाई यह है कि ये घर असल में कभी भी 'तवायफों' के नहीं थे। वे अपने बड़ों के हैं या अपने भाइयों के हैं। ये लोग कभी भी तवायफों को संपत्तियों का मालिकाना हक नहीं देंगे क्योंकि अगर वे शादी कर लेती हैं तो संपत्ति उनके साथ चली जाएगी। बुढ़ापे में 'तवायफों' का बुरा हाल होगा।'
उन्होंने कहा, हीरामंडी सिर्फ जवान 'नवाबों' के लिए 'तवायफों' से तहजीब सीखने की जगह नहीं थी, बल्कि एक तरह का कल्चरल सेंटर था। जहां खाना, संगीत और मनोरंजन सभी एक साथ मिलते थे। हीरामंडी आज लाहौर के कुछ सबसे फेमस फूड प्लेस है, जैसे फज्जा सिरी पाय और आरिफ चटकारा।
इबरार ने खुलासा किया कि असली हीरा मंडी का पाकिस्तान के फिल्म इंडस्ट्री से भी संबंध था और इसमें अभिनेता नूरजहां से लेकर सिंगर फतेह अली खान और अमानत अली खान तक सभी शामिल थे। उन्होंने कहा, "कई फेमस सिंगर और एक्ट्रेस यहां रहा करती थीं। जबकि भंसाली की वेब सीरीज बटवारे से पहले ही खत्म हो जाती है, साइमा नाम का एक कैरेक्टर 'कोठा' छोड़ देता है और कोलकाता में एक फेमस सिंगर बन जाती है। हीरामंडी में दिखाया गया है कि 'तवायफ' रानियों की तरह कपड़े पहनकर बड़े आंगनों और विशाल हॉलों में अमीर और प्रतिष्ठित लोगों के लिए विशेष प्रदर्शन करती थीं। मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, शर्मिन सहगल, अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख और अन्य अभिनीत यह शो 1 मई को नेटफ्लिक्स पर शुरू हुआ।


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