गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स से सीखे इंडियन सिनेमा!

गोल्डन ग्लोब अवॉर्डस के दौरान बेन एफ्लेक को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में बेस्ट फिल्म ड्रामा और आर्गो के लिए बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड मिला जबकि उन्हें टक्कर देने के लिए स्टीवेन स्पीलबर्ग जिन्होंने लिंकन बनाई थी। ब्रिटिश एक्टर डेनियर डे लुइस जिन्होंने अब्राहम लिंकन का किरदार फिल्म में निभाया था ने केवल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता जबकि उन्हें 12 ऑस्कर नॉमिनेशन मिले थे। इस अवॉर्ड के बाद करन जौहर ने ट्वीट किया "आर्गो को गोल्डन ग्लोब फंक्शन में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मिला थैंक गॉड इस दुनिया में जस्टिस है। ये बहुत बेहतरीन है बाकी के अवॉर्ड फंक्शन्स से। क्या अब हम जो कि इंडस्ट्री से जुडे़ हुए हैं को इस बात के लिए दोषी ठहराना चाहिए कि हमारे अवॉर्ड्स फंक्शन में इतनी सच्चाई, ग्रेस नहीं होता?"
साथ ही उन्होंने लिखा "कुछ दिनों पहले फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भई हमारे अवॉर्ड्स फंक्शन की विश्सनीयता पर प्रश्न उठाया था। असल में टीवी पर इन अवॉर्ड्स फंक्शन को देखाये जाने से ये फंक्शन सच्चाई और डिसर्वजिंग टैलेंट से दूर हो जाते हैं। अगर पिक्चर में स्टार है और वो नाचेगा? तो अवॉर्ड मिलेगा। ये सब क्या है, उन्होंने कहा इसीलिए शायद हमारी इंडस्ट्री के आमिर खान, इमरान हाशमी और अजय देवगन जैसे अच्छे एक्टर इन अवॉर्ड फंक्शन्स से दूर रहते हैं।"
"हमारी फिल्म इंडस्ट्री में मिलने वाले अवॉर्ड्स इसलिए भी विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि लोगों के माइंडसेट के अनुसार ये अवॉर्ड दिये जाते हैं। जब कोई एक्टर फंक्शन पर कोई परफॉर्मेंस देता है तो उसे अवॉर्ड मिलता है। हालांकि ये सब अवॉर्ड्स के लिए सच नहीं है लेकिन फिर भी इस प्रोसेस को और भी ट्रांसपेरेंट होना चाहिए।" गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स के दौरान तब्बू ने भी फिल्मेमकर आंग ली की फिल्म लाइफ ऑफ पाई की कास्ट के साथ रेट कार्पेट पर कदम रखकर वहां पर देसी तड़का लगाया।


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