लता मंगेशकर निधन: 2 दिन का राष्ट्रीय शोक, राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार
कई दिनों तक कोरोना से पीड़ित होने के बाद अस्पताल में भर्ती लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे के करीब हुआ। शनिवार सुबह से ही अस्पताल से यह खबर आ रही थी कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। कोविड के साथ लता मंगेशकर निमोनिया की चपेट में आ गई थीं।ऐसे में शनिवार शाम से ही आशा भोसले और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जाकर अस्पताल में लता मंगेशकर की तबीयत का हाल लिया।
बाहर आकर मीडिया के सामने लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने यह कहा कि डॅाक्टरों ने कहा है कि उनकी तबीयत स्थिर है। बताया जा रहा है कि रात से उनकी तबीयत खराब हो गई और आखिरकार भारत की स्वर कोकिला ने रविवार सुबह अपनी आखिरी सांसें ली। लता दीदी के निधन से पूरा देश गमगीन है। अब उनका पार्थिव शरीर मुंबई के शिवाजी पार्क में रविवार शाम को ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गायिका के निधन पर 2 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

12 बजे से 3 बजे तक उनके निवास पर अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। 11 जनवरी को कोविड से संक्रमित पाने के बाद ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया। लता मंगेशकर की तबीयत खराब होने के बाद उनके घर पर लगातार शिव भगवान की पूजा कराई गई। लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था।
13 साल की उम्र से उन्होंने गाना शुरू किया। उन्होंने 36 भाषाओं में 30,000 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी है। एक दौर सिनेमा में ऐसा भी आया जब उनके गाने के बिना हर फिल्म अधूरी कहलाती थी। बता दें कि लता दीदी को पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का सम्मान देश ने दिया है। भारतीय संगीत और भारतीय गानों को लता मंगेशकर ने चांद पर पहुंचा दिया था। देश का हर कोना आज भारत की आवाज बन चुकी लता दीदी को खोने से दुखी है।


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