लता मंगेशकर की तबीयत में कोई सुधार नहीं, ICU में जारी रहेगा कई दिन तक ईलाज, किसी को मिलने की इजाज़त नहीं
स्वर कोकिला लता मंगेशकर पिछले कुछ दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पालत में भर्ती हैं। कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद उन्हें निमोनिया हो गया था और बिना वक्त गंवाए उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया था। तब से लता मंगेशकर की रिकवरी का इंतज़ार किया जा रहा है लेकिन अभी तक उनकी हालत में ज़्यादा सुधार नहीं देखा गया है।
ब्रीच कैंडी अस्पताल के सबसे अच्छे डॉक्टर्स उनका ईलाज कर रहे हैं लेकिन कहा जा रहा है कि अभी उनकी हालत में सुधार होने में काफी ज़्यादा वक्त लगेगा। हालांकि, लता मंगेशकर को अभी कितने दिन और ICU में रहना होगा, इस बारे में डॉक्टर्स कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।

92 साल की लता मंगेशकर पिछले कुछ समय से काफी कमज़ोर हो गई हैं। उनका रियाज़ भी बेहद कम हो चुका है। लता मंगेशकर को बीते दिनों अपने एक स्टाफ से कोरोना संक्रमण हुआ। जब से वो अस्पताल में हैं किसी को भी उनसे मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है। हालांकि, पिछले कुछ सालों से लता मंगेशकर अपने सोशल मीडिया के ज़रिए बहुत ही ज़्यादा एक्टिव रहती हैं और फैन्स के साथ बातचीत करती रहती हैं।

सात दशकों से योगदान
लता मंगेशकर ने उनकी पहली परफॉर्मेंस 9 सितंबर 1938 को शोलापुर में की थी। कुछ ही समय पहले ये बात शेयर करते हुए उन्होंने अपने सोशल मीडिया में लिखा था कि यकीन ही नहीं होता है कि उन्हें गाते हुए 87 साल हो गए हैं। उनका जन्म 1929 में हुआ था और 1948 से वो बॉलीवुड का हिस्सा हैं।गौरतलब है कि लता मंगेशकर, सात दशकों से म्यूज़िक इंडस्ट्री को अपना योगदान दे रही हैं।

पहली बार रेडियो पर गाया
16 दिसंबर 1941 को लता मंगेशकर ने रेडियो पर पहली बार गाया था। लता मंगेशकर ने उस समय दो नाट्यगीत गाए थे जिसे सुनकर उनके पिताजी काफी ज्यादा खुश हुए थे। उन्होंने लता जी की मां को बताया कि लता जी को रेडियो पर गाना गाते सुन अब वो निश्चिंत हैं और उन्हें किसी बात की चिंता नहीं है।

कैसा था पहला ऑडीशन
लता मंगेशकर ने पहला ऑडीशन 1948 की फिल्म शहीद के लिए दिया था और उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। उस दौर में लता जी के गुरू ने कहा था कि एक वक्त होगा जब लोग उनके पैर पड़कर उनसे गाने गंवाने की भीख मांगेंगे।

कितनी थी पहली कमाई
लता जी को पहली बार स्टेज पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। 1949 में लताजी को पहला मौका फ़िल्म "महल" के आयेगा आनेवाला गीत से मिला। इस गीत को उस समय की सबसे खूबसूरत और चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर फ़िल्माया गया था।

लगभग हर भाषा में गाया
लता मंगेशकर सिर्फ हिन्दी नहीं बल्कि अंग्रेजी, असमिया, बांग्ला, ब्रजभाषा, डोगरी, भोजपुरी, कोंकणी, कन्नड़, मगधी, मैथिली, मणिपुरी, मलयालम, हिंदी, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू, मराठी, नेपाली, उडिया, पंजाबी,संस्कृत, सिंहली आदि भाषाओं में गाने गाए हैं। 30 हज़ार से ऊपर गाने गा चुकीं लता मंगेशकर ने गाना गाने से पहले 8 फिल्मों में अभिनय भी किया। लता मंगेशकर अपने घर में सबसे बड़ी थीं और इकलौती कमाने वाली सदस्य थीं।

ज़हर खिलाने की हुई थी कोशिश
1962 में जब लताजी 32 साल की थी तब उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया था। उनकी बेहद करीबी पदमा सचदेव ने इसका ज़िक्र अपनी किताब 'ऐसा कहां से लाऊं'में किया है। इसके बाद राइटर मजरूह सुल्तानपुरी कई दिनों तक उनके घर आकर पहले खुद खाना चखते, फिर लता को खाने देते थे।

जल्दी स्वस्थ होने की कामना
कुछ समय पहले ही लता मंगेशकर की बहन आशा भोंसले ने बताया था कि दीदी अब धीरे धीरे ठीक हो रही हैं लेकिन अभी भी उनसे मिलने की इजाज़त किसी को नहीं है। उनकी बहन उषा मंगेशकर भी इसी बात से परेशान थीं कि लता जी को किसी से भी मिलने की इजाज़त नहीं दी जा रही है। उम्मीद करते हैं कि वो जल्दी से स्वस्थ होकर घर लौट आएं। इस समय करोड़ों लोगों की दुआएं उनके साथ हैं।


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