आज तन्हा महसूस करती हैं लता दीदी
लता मंगेशकर जी ने इस इवेंट के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि वो हमेशा से फिल्मों में अभिनय करने से बचती थीं। उन्हें अभिनय करना बेहद ही खराब काम लगता था लेकिन तब उनके पास और कोई भी ऑप्शन नहीं था। लता जी ने कहा कि जब वो फिल्मों में काम करती थीं तो उसके बाद उन्हें बहुत ही खराब लगता था। लेकिन उन्हें वो करना पड़ता था "मैंने 7-8 फिल्मों में काम किया है लेकिन मैने इऩका लुत्फ नहीं उठाया। जब मैं उन फिल्मों में काम करती थी तो मैं बहुत दुखी हो जाया करती थी लेकिन उस वक्त मैं असहाय थी। मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।"
लता मंगेशकर जी ने आज की फिल्म इंडस्ट्री के बारे में बात करते हुए कहा "जब हम काम किया करते थे तब से सिनेमा पूरी तरह से बदल चुका है। मैं यह नही कहती कि ये अच्छा नहीं है लेकिन मैं इसमें प्रासंगिक नही हूं। यदि मैं आज किसी फिल्म में गाउं तो मैं यह नहीं सोचूंगी कि मैं इसे पूरी खूबसूरती के साथ गाने में सक्षम होउंगी।" लता मंगेशकर जी ने जब दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन बताए तो उनमें जया बच्चन जी का नाम भी था। लता जी ने बताया कि जब फिल्म अभिमान के लिेए लता जी रिकॉर्डिंग करती थीं तो जया बच्चन उन्हें बहुत ध्यान से देखा करती थीं बाद में जब जया ने फिल्म में गाना गाने वाले सीन किये तब उन्होंने लता जी की ही तरह खड़े होकर और अपनी साड़ी के पल्लू को पकड़कर सीन दिये। इस बात से लता जी बेहद प्रभावित हुईं।


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