'लकड़बग्घा 2: द मंकी बिज़नेस' की कान्स फिल्म फेस्टिवल में होगी एक्सक्लूसिव स्क्रीनिंग
Lakadbaggha 2 Cannes: अभिनेता-निर्देशक अंशुमन झा की बहुप्रतीक्षित फिल्म लकड़बग्घा 2: द मंकी बिज़नेस का कान्स फिल्म फेस्टिवल के मार्चे डू फिल्म मार्केट में एक्सक्लूसिव स्क्रीनिंग होने जा रही है।

फिल्म इस साल अपनी आधिकारिक वर्ल्ड प्रीमियर से पहले इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन की तैयारी कर रही है। इस फिल्म को जर्मन प्रोडक्शन कंपनी वेबफिल्मलैंड प्रोडक्शंस सपोर्ट कर रही है और यह कान्स में मौजूद चुनिंदा एशियन एक्शन फिल्मों में से एक है।
अंशुमन झा के निर्देशन में बनी यह दूसरी फिल्म दुनिया की पहली एनिमल-लवर विजिलांटे फ्रेंचाइज़ी के तौर पर पेश की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म दुनिया भर के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स और स्टूडियोज़ जैसे टोहो, कीनो और द जोकर्स फिल्म्स का ध्यान अपनी ओर खींचेगी।
इंडोनेशिया की पृष्ठभूमि पर आधारित लकड़बग्घा 2: द मंकी बिज़नेस को भारत की सबसे रॉ और दमदार हैंड-टू-हैंड एक्शन फिल्मों में से एक माना जा रहा है। फिल्म अपने रियलिस्टिक और दमदार एक्शन कोरियोग्राफी और कहानी कहने के अंदाज़ के ज़रिए इस जॉनर की सीमाओं को आगे बढ़ाती है।
यह फिल्म भारत और इंडोनेशिया की पहली आधिकारिक को-प्रोडक्शन फिल्म भी है। इसमें सनी पांग (हेडशॉट, हैवॉक), डैन चुपोंग (ओंग-बाक), आदिल हुसैन (लाइफ ऑफ पाई), सारा-जेन डायस (एंग्री इंडियन गॉडेसिस) और अंशुमन झा (एलएसडी, चौरंगा) जैसे कलाकार नज़र आएंगे।
फिल्म की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को लेकर वेबफिल्मलैंड प्रोडक्शंस की जेनिफर पेंगल, जो जर्मन डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर के तौर पर जुड़ी हैं, ने कहा, "हमने पहली बार लकड़बग्घा को 2023 के स्टुटगार्ट फिल्म फेस्टिवल में देखा था, जहां इसे विज़न अवॉर्ड मिला था। तब से हम इस फ्रेंचाइज़ी को फॉलो कर रहे हैं। दुनिया में अभी तक कोई ऐसा एनिमल-लवर विजिलांटे नहीं है और भारत ने भी इस स्पेस में कोई इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स स्टार नहीं दिया है। यह फिल्म दोनों चीजें लेकर आती है। अंशुमन झा में एक दुर्लभ क्वालिटी है। उनके प्रदर्शन में ब्रूस ली जैसी सच्चाई, इरादा और रॉ एनर्जी देखने को मिलती है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसका एक्शन सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि उसका एक मकसद है। यह उन बेजुबानों की आवाज़ बनती है जो खुद नहीं बोल सकते। हमें लगता है कि यह एशियन मार्शल आर्ट्स सिनेमा के लिए एक बड़ा कदम है। यह सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि आत्मा वाला एक्शन है। और हमें भरोसा है कि यह फिल्म यूरोप के एक्शन दर्शकों और एनिमल लवर्स दोनों को बेहद पसंद आएगी।"
दमदार एक्शन के अलावा फिल्म एक मज़बूत पर्यावरणीय संदेश भी देती है। यह फिल्म गंभीर रूप से संकटग्रस्त याकी मंकी की स्थिति पर रोशनी डालती है। 1990 में जहां इनकी संख्या लगभग 50,000 थी, वहीं 2025 तक यह घटकर 5,000 से भी कम रह गई है। इसकी मुख्य वजह अवैध वन्यजीव व्यापार और प्राकृतिक आवास का नष्ट होना है। इस गंभीर मुद्दे को एक मेनस्ट्रीम एक्शन फिल्म के जरिए सामने लाकर फिल्म मनोरंजन और पर्यावरण जागरूकता का अनोखा मेल पेश करती है।
फिल्म के मार्केट डेब्यू पर अंशुमन झा ने कहा, "लकड़बग्घा 1 मेरे कुत्तों के प्रति प्यार से प्रेरित थी, जबकि लकड़बग्घा 2: द मंकी बिज़नेस उस सोच को सभी जानवरों तक लेकर जाती है। जानवर खत्म हो रहे हैं क्योंकि इंसानियत खत्म हो रही है। हम एक्शन को सिर्फ और बड़ा नहीं, बल्कि और मायने रखने वाला बनाना चाहते थे। क्योंकि लड़ाइयों से आगे सबसे बड़ा सवाल यही है कि आप किसके लिए खड़े हैं। मार्चे डू फिल्म हमें यह मौका देता है कि हम इस कहानी को दुनिया भर के उन दर्शकों तक पहुंचाएं जो दिल और दिमाग दोनों से जुड़ने वाले सिनेमा को पसंद करते हैं।"
फर्स्ट रे फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म हाई-कॉन्सेप्ट और ओरिजिनल कहानी कहने की परंपरा को आगे बढ़ाती है, जहां मनोरंजन के साथ सामाजिक मुद्दों को भी मजबूती से पेश किया जाता है।
कान्स में मिल रही मज़बूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के साथ लकड़बग्घा 2: द मंकी बिज़नेस वैश्विक एक्शन सिनेमा में एक अलग और दमदार पहचान बनाने के लिए तैयार है, जो मार्शल आर्ट्स, अलग संस्कृतियों की कहानियों और पर्यावरण से जुड़े ज़रूरी संदेश को एक साथ लेकर आती है।


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