लगान के दस साल पूरे होने पर विशेष

आमिर खान इसी फिल्म से बतौर निर्माता पहली बार उभर कर सामने आये। और अब तक लगभग कई सफल फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। अपने प्रोडक्शन हाउस और लगान की सफलता पर उन्होंने खास बातचीत की।
लगान मेरे लिए सबसे खास फिल्म
आमिर खान मानते हैं कि उनके लिए लगान खास फिल्मों में से एक रही है। उन्होंने इस फिल्म से बहुत कुछ सीखा है और वह बतौर निर्माता भी काम कर सकते हैं। उन्हें इसी फिल्म से हिम्मत आयी थी।
सभी ने डराया था
आमिर खान बताते हैं कि इस फिल्म के निर्माण करने से पहले उन्हें सबने कहा था कि वे इस फिल्म का निर्माण न करें, क्योंकि यह फिल्म कोई नहीं देखेगा, आमिर बताते हैं कि खासतौर से जावेद अख्तर साहब ने मना किया था। उन्होंने कहा है कि यह फिल्म आप न बनायें। यह डिजास्टर होगी।
फिर आमिर जावेद साहब से मिलने गये और उन्होंने जम कर इस फिल्म पर बातचीत की। आमिर ने कहा कि उन्होंने जो जो प्वाइंट्स कहे। मैं उन पर बिल्कुल सहमत नहीं हुआ और अंततः हमने फिल्म बनायी। फिल्म लंबी बनी। और फिर भी हिट रही। दर्शकों ने इसे पसंद किया। यह कभी नहीं भूल सकता। मुझे याद है जावेद साहब ने कहा था कि कैसे चंदन सिनेमा में सभी भुवन भुवन चिल्ला रहे हैं।
हमने टीम की तरह काम किया
लगान ने फिल्म मेकिंग का तरीका बदला। पहली बार फिल्म में सिंक साउंड का इस्तेमाल किया गया। और फिर वन टाइम शेडयूल की भी शुरुआत इसी फिल्म से हुई।
मैं चाहता था कि भुवन की मूंछें रहें
मैं चाहता था कि भुवन की मूंछें रहें। चूंकि मुझे मुंछों से बहुत प्यार है। लेकिन आशुतोष ने कहा कि नहीं बिल्कुल नहीं। मैंने भुवन के किरदार पर बहुत काम नहीं किया था। बस इस बात का ख्याल रखा था कि उसमें आत्मविश्वास दिखना चाहिए। बस, ताकि लोगों को लगे कि वह साहसी है।
पहली बार गांव के लोगों के लिए स्क्रीनिंग की
पहली बार किसी फिल्म की स्क्रिनिंग वहां के गांव के लोगों के लिए की गयी थी। मेरे लिए इस फिल्म में सबसे कठिन शॉट था फिल्म की शूटिंग के दौरान जब बहुत धूप थी। और हमने धूप में भी शूटिंग की थी। मुझे आज भी इस बात का दुख है कि वह जगह अब अस्तित्व में नहीं है।


Click it and Unblock the Notifications











