कुमार विश्वास ने उड़ाई दिलजीत दोसांझ की धज्जियां, ये जो आजकल सितारों को घमंड हो गया है कि....

Kumar Vishwas On Diljit Dosanjh: अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी फिल्म 'सरदार जी 3' में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को कास्ट करने को लेकर काफी विवादों में हैं। भारत में जहां इस फिल्म की रिलीज पर बैन लगा दिया गया है तो वहीं पाकिस्तान में फिल्म रिलीज भी हुई और काफी अच्छा कलेक्शन भी कर रही हैं। वहीं अब दिलजीत दोसांझ के इस रवैये पर कुमार विश्वास नें रिएक्ट किया है।
जाने-माने हिंदी कवि और पूर्व राजनेता कुमार विश्वास हाल ही में NDTV क्रिएटर्स मंच पर आए थे। यहां उन्होंने दिलजीत दोसांझ की नई पंजाबी फिल्म 'सरदार जी 3' को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी। दरअसल, इस फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को कास्ट किया गया है, जिस पर काफी हंगामा मचा हुआ है। विश्वास ने सीधा सवाल उठाया कि जब हमारा देश मुश्किलों का सामना कर रहा है, तो ऐसे हालात में पाकिस्तानी कलाकार के साथ काम करना कितना सही है।
आपको बता दें, 'सरदार जी 3' का ट्रेलर 22 जून को आया था और उसके बाद से ही यह फिल्म विवादों में घिर गई। हानिया आमिर के फिल्म में होने की वजह से सोशल मीडिया पर फिल्म का खूब विरोध हुआ और इसे बॉयकॉट करने की मांग उठने लगी।
कुमार विश्वास ने अपनी बात रखते हुए कहा, "मेरा कहना ये है कि अगर मैं तो प्यार की बातें करूं, और आप एक कलाकार होकर मेरे देश, मेरे सैनिकों और मेरी सरकार के खिलाफ नफरत भरी बातें करें, तो फिर ऐसी शांति की उम्मीद का कबूतर आप हमारे दरवाज़े पर मत भेजिए।" उन्होंने साफ कहा कि अगर एक तरफ से दुश्मनी है, तो दूसरी तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ाना बिल्कुल गलत है।
उन्होंने आगे कहा, "ये जो आजकल सितारों को घमंड हो गया है कि 'मेरा क्या है? मैं तो कुछ भी कर लूंगा।' ये बहुत गलत बात है। आखिर तुम्हें किसने इतना बड़ा बनाया है? मेरी जिम्मेदारी उन लोगों के प्रति है जो टिकट लेकर मुझे देखने आते हैं।" विश्वास ने भावुक होकर कहा कि जब हमारे सिपाही तिरंगे में लिपटकर घर वापस आ रहे हैं, और ऐसे में आप उस पाकिस्तानी कलाकार के साथ फिल्म बनाने या गाना गाने की बात कर रहे हैं जो हमारे सैनिकों का मज़ाक उड़ाती है?"
कुमार विश्वास ने अंत में दिलजीत दोसांझ से कहा, "हुज़ूर, मैं ज़रूर आपके लिए गाना गाऊंगा और लिखूंगा भी, लेकिन आपको भी यह कहना होगा कि ये जंग बेकार है, क्योंकि आपको अच्छी तरह पता है कि इसे कौन शुरू करता है और कौन खत्म करता है।" उनका साफ इशारा पाकिस्तान की तरफ से भारत में फैलाए जा रहे आतंकवाद की ओर था। विश्वास के इस बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या कला और राजनीति को हमेशा अलग रखना चाहिए, खासकर तब जब देश की सुरक्षा और लोगों की भावनाएं जुड़ी हों।


Click it and Unblock the Notifications











