साउथ कोरियन फिल्ममेकर किम की डुक की कोरोना से मौत
2020 हर किसी के लिए कोई ना कोई दुख की खबर लेकर आया है और सिनेमा जगत ने पूरे विश्व में अपने कई बेहतरीन आर्टिस्ट्स को इस संक्रमण से खो दिया। जाते जाते भी 2020 कुछ और लोगों को हमसे छीन कर ले जा रहा है। मशहूर साउथ कोरियन फिल्ममेकर किम की डुक की 59 साल की उम्र में कोरोना से मौत हो गई।
किम का ईलाज लातविया में चल रहा था। फिल्ममेकर का निधन, 11 दिसंबर को लातविया के लोकल समय के अनुसार भोर में ही हो गया था। माना जा रहा है कि किम लातविया एक प्रॉपर्टी खरीदने के सिलसिले में पहुंचे थे।

सूत्रों की मानें तो किम की डुक, लातविया में एक घर खरीदना चाहते थे जिससे कि उनसे पास वहां रहने का परमिट हो। इस खबर को लातविया में रहने वाले रूसी फिल्ममेकर विताली मान्सकी ने कंफर्म किया और उनका हवाला देते हुए साउथ कोरियन मिनिस्ट्री ने इस खबर की पुष्टि की।
किम की डुक का जन्म, 1960 में साउथ कोरिया के बोन्घवा में हुआ था। उन्होंने खुद को एक बेहतरीन फिल्ममेकर के तौर पर स्थापित किया था और उनकी फिल्में हमेशा डार्क सिनेमा का प्रतीक होती थी। इंटरनेशनल फिल्म सर्किट में भी उनकी फिल्में ढेरों अवार्ड्स और क्रिटिक्स का दिल जीतने में कामयाब होती थीं।
साल 2000 में टोरंटो में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में The Isle नाम की फिल्म के साथ किम की डुक को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इसी साल उनकी फिल्म Real Fiction को मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहा गया। इन फिल्मों के साथ एशियाई देशों के अहम फिल्ममेकर्स में उनका नाम शामिल हो गया।
साल 2004 में उन्हें अपना पहला इंटरनेशनल अवार्ड मिला। बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में उनकी फिल्म Samaritan Girl को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला। इसी साल उनकी फिल्म 3 -IRON को वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का अवार्ड दिया गया। 2011 में अरिरंग नाम की उनकी डॉक्यूमेंट्री को कान्स फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड दिया गया।
2012 में उनकी फिल्म PIETA को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का Golden Lion अवार्ड दिया गया। ये पहली एशियन फिल्म थी जिसे बर्लिन, कान्स और वेनिस तीनों ही फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कारों से नवाज़ा गया।


Click it and Unblock the Notifications

