'पठान' को मिला UA सर्टिफिकेट, क्या है इसका अर्थ! जानें क्यों नहीं हटाया 'भगवा बिकिनी' वाला सीन

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल, शाहरुख खान स्टारर 'पठान' फिल्म पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चलाई है और इसे UA सर्टिफिकेट दिया है। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने कुल मिलाकर 12 कट्स दिए हैं। हालांकि, फिल्म से दीपिका पादुकोण के विवादित 'ऑरेंज बिकिनी' सीन को नहीं हटाया गया है।
हालांकि, फिल्म का गाना 'बेशरम रंग' में कुल तीन कट्स सुझाए गए हैं। फिल्म सेंसर बोर्ड के सुझावों की वजह से सुर्खियों में है। आपको बता दें कि, सेंसर बोर्ट का अधिकार सिर्फ सलाह देने का है, इसे मेकर्स मानते हैं या नहीं ये उनके अधिकार क्षेत्र में होता है। अब ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर फिल्मों को दिए जाने वाले U, कभी UA, कभी A, और S सर्टिफिकेट का क्या अर्थ होता है।
बता दें कि, सीबीएफसी फिल्म के प्रमाणन को देखती है और फिल्म को रिलीज किए जाने से पहले प्रोड्यूसर को सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाता है। सेंसर बोर्ड चार तरह के सर्टिफिकेट देती है। इसमें U सर्टिफिकेट का अर्थ होता है कि, फिल्म पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाई है और इसे पूरे परिवार के साथ देखा जा सकता है।
UA सर्टिफिकेट का अर्थ होता है कि फिल्म को 12 साल के कम उम्र के बच्चों को अपने माता-पिता के साथ देखनी चाहिए। वहीं, A यानि एडल्ट सर्टिफिकेट का अर्थ होता है कि 18 साल के कम उम्र के दर्शक फिल्म को नहीं देख सकते हैं।
वहीं S (Special Class of Persons) सर्टिफिकेट का अर्थ होता है कि फिल्म किसी खास वर्ग के लिए बनी है। इसका अर्थ यह भी होता है कि, फिल्म को हर दर्शक वर्ग के बीच नहीं दिखाया जा सकता है। शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म 'पठान' पर भी सेंसर बोर्ड ने 12 कट्स के सुझाव दिए हैं जिसमें दीपिका पादुकोण के विवाद बिकिनी सीन को लेकर किसी तरह का सुझाव नहीं दिया गया है।


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