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    साउथ फिल्मों के आगे फीकी पड़ती बॉलीवुड, किच्चा सुदीप ने कहा, 'अब कंटेंट की जीत हो रही है'

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    बॉक्स ऑफिस लगातार फ्लॉप होती बॉलीवुड फिल्मों को लेकर कई कलाकार अपनी राय रख चुके हैं। हाल ही में जब अभिनेता किच्चा सुदीप से साउथ फिल्मों के आगे फीकी पड़ी बॉलीवुड फिल्मों को लेकर सवाल किया गया, तो अभिनेता ने कहा कि अब कंटेंट की जीत हो रही है।

    फिल्म 'विक्रांत रोणा' की रिलीज से पहले किच्चा सुदीप ने इंटरव्यू के दौरान हिंदी क्षेत्रों में साउथ सिनेमा के सफलता पर बात की और कहा कि पहले साउथ की फिल्मों को उत्तर भारत में स्क्रीन ही नहीं मिलती थी, लेकिन हर चीज का अंत होता है। जब कंटेंट बोलने लगता है, तो वो जगह जगह पहुंचने लगता है।

    अजय देवगन के साथ ट्विटर विवाद पर किच्चा सुदीप ने कहा, 'मुझे विश्वास ​​है कि इसके पीछे कोई तीसरा व्यक्ति था'अजय देवगन के साथ ट्विटर विवाद पर किच्चा सुदीप ने कहा, 'मुझे विश्वास ​​है कि इसके पीछे कोई तीसरा व्यक्ति था'

    'विक्रांत रोणा' भी एक पैन इंडिया फिल्म है और 95 करोड़ तक के बजट पर बनी है। यह सुदीप की सबसे बड़ी फिल्म है। इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "उत्साह इसलिए नहीं है क्योंकि यह कई भाषाओं में आ रही है। उत्साह इसलिए है क्योंकि हमारे पास इस फिल्म के लिए एक विजन था और हमने इसे हासिल किया।"

    यह कंटेंट की जीत है

    यह कंटेंट की जीत है

    हिंदी बेल्ट में साउथ फिल्मों की कमाई पर सुदीप कहते हैं, "जब कंटेंट बोलने लगता है तो, वो जगह जगह पहुंचने लगता है। यह जबरदस्ती नहीं किया गया है। यह अपने आप व्यवस्थित रूप से होता रहा है। यह कंटेंट की जीत है।"

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    कल्चरल डिफरेंस का सवाल ही नहीं उठता

    कल्चरल डिफरेंस का सवाल ही नहीं उठता

    क्या उत्तर और दक्षिण की अलग-अलग संस्कृतियों के चलते अभी तक दोनों जगह एक-दूसरे की फिल्में नहीं चल रही थीं? इसके जवाब में किच्चा ने कहा, "हम लोग 'हम दिल दे चुके सनम', 'मैंने प्यार किया', 'शोले', 'हम साथ साथ हैं' और 'कभी खुशी कभी गम' जैसी फिल्में देखते रहे हैं। हम बेंगलुरु के सिनेमाघरों में गुजराती और पंजाबी परिवारों की कहानी देखते रहे हैं। तो कल्चरल डिफरेंस का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन बात यहां कंटेंट की है, यदि मैं आपको ऐसी चीज दिखाऊं जो आपने नहीं देखी है तो आप इसे देखना चाहेंगे।"

    हर चीज का एक अंत होता है

    हर चीज का एक अंत होता है

    अब हिंदी बेल्ट में साउथ की फिल्में अच्छी कमाई कर रही है, इस बात अभिनेता ने कहा, "हर चीज का एक अंत होता है। पहले साउथ की फिल्में नॉर्थ में केवल सैटलाइट चैनलों पर आती थीं। जब मैं दिल्ली, गोवा, मुंबई, जयपुर या किसी और शहर में जाता था तो लोग मुझे पहचान जाते थे और कहते कि मैं बाजीराव का हीरो हूं, क्योंकि मेरी फिल्म केम्पे गोडा हिंदी में डब हुई थी और उसका नाम बाजीराव रखा गया था। तब लोग हमें सैटलाइट स्टार्स के तौर पर जानते थे। अब जाकर हमारी फिल्में सिनेमाघरों में भी रिलीज होने लगी हैं।"

    बदलाव देखकर खुशी होती है

    बदलाव देखकर खुशी होती है

    सुदीप ने खुशी जताते हुए कहा कि देश में फिल्में अब भाषा की बंधनों की आजाद हो रही है, यह देखकर बहुत खुशी होती है। यूपी और पंजाब में बैठे लोग कन्नड़ और तेलुगु फिल्में देख रहे हैं। उन्होंने कहा,पहले लोग साउथ की फिल्मों को कभी नहीं जानते थे क्योंकि हमारी फिल्में सिनेमाघरों में नहीं होती थीं।

    English summary
    Kichcha Sudeep talks about south cinema ending Bollywood's dominance in Hindi market and said, it has been happening organically on its own. It’s the victory of content.
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