'खाप' के विरोध में खाप, पर शिक्षकों का समर्थन

जींद में मंगलवार को जाट धर्मशाला में आयोजित सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत बहतरा ने सरकार को साफ चेताया कि अगर सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो खाप पंचायतें अपने स्तर पर निपटेगी। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान अगर कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेवार निर्माता तथा सरकार होगी।
महापंचायत की अध्यक्षता बहतरा प्रधान कृष्णकांत मिश्रा ने की। फिल्म में खाप पंचायतों को गलत रूप से प्रस्तुत किया गया है। अगर इतिहास उठा कर देखा जाए तो खाप ने देश तथा समाज के लिए कुर्बानियां दी हैं। वहीं टोहाना में किसान विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते सर्वजातीय सर्वखाप के प्रदेश प्रवक्ता सूबे सिंह समैण व अन्य खाप नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस फिल्म के अलावा विभिन्न मुद्दों को लेकर 28 अगस्त को महम में खापों की बैठक बुलाई जाएगी।
बैठक में हरियाणा, पंजाब और यूपी के खापों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न खापों द्वारा की जाने वाली सामाजिक कार्रवाई व निर्णयों पर आक्षेप करने वाली फिल्म खाप को यदि रिलीज किया गया तो प्रदेशभर की खापें जनआंदोलन चलाएंगी।
शिक्षाविदों ने दिया समर्थन
इस मुद्दे पर मंगलवार को हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के कार्यालय में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता शिक्षाविद् प्रोफेसर बलदेव सिंह ने की। इसमें निर्णय लिया गया कि सिनेमा मालिकों से एक प्रतिनिधिमंडल मिलकर खाप फिल्म चलाने के संबंध में बात करेगा। शिक्षाविद् प्रोफेसर डीआर चौधरी ने कहा कि इसके अलावा जिला प्रशासन से भी शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने एवं हुड़दंगियों के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में अपील की जाएगी।
राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतों के कुछ तथाकथित प्रतिनिधियों द्वारा मुद्दे विशेष पर आधारित फिल्म का विरोध असल में अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा -सीधा हमला है। एमडीयू के पत्रकारिता विभाग में प्रो. डॉ. हरीश कुमार ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने जिस फिल्म को पास किया है, उसे दिखाया जाना चाहिए। बैठक में भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव प्रमोद गौरी, जनवादी महिला समिति की सबिता, प्रख्यात सर्जन डॉ. रणबीर दहिया, थिएटर कलाकार दीप्ति आदि मौजूद थे।


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