सैफ तो कबूल मगर इस्लाम कबूल नहीं: करीना
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर 16 अक्टूबर को छोटे नवाब सैफ अली खान संग पटौदी पैलेस में विवाह बंधन में बंधने वाली है। अभी दोनों की शादी नहीं हुई है लेकिन करीना ने सैफ से पहले ही ये बात साफ़ कर दी है कि शादी के बाद न तो वो अपना मज़हब बदलेंगी न ही नाम । उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी होने वाली सास (शर्मिला टैगोर) की तरह इस्लाम धर्म कबूल नहीं करेंगी।
इस पूरे मामले पर अपना तर्क देते हुए करीना ने कहा है कि वो अपना धर्म और नाम इसलिए नहीं बदलेंगी क्योंकि ये नाम ही उनकी पहचान है। साथ ही आपको ये भी बताते चलें कि वह हिंदू रीति रिवाज से शादी करने के संकेत भी दे चुकी हैं।

गौरतलब है कि करीना के इस फैसले का स्वागत सैफ ने भी किया है। जहाँ इस पूरे मामले में सैफ भी उनके साथ हैं और उनकी ओर से भी करीना पर धर्म परिवर्तित करने का कोई दबाव नहीं है।
सैफ ने हाल ही में मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा है कि 'दो अलग-अलग धर्म के लोग जब शादी करते हैं तो दिक्कतें आती हैं, लेकिन मैं कभी नहीं चाहूंगा कि करीना अपना धर्म बदले। मैं इन बातों में कोई विश्वास नहीं रखता। करीना की अपनी पहचान है और वह जैसे चाहें रहने के लिए स्वतंत्र हैं।'
करीना पहले ही कह चुकी हैं कि वह सभी धर्मो का सम्मान करती हैं। उनकी मां बबीता कैथोलिक हैं और वह बचपन से अक्सर उनके साथ चर्च जाती हैं। इससे पहले पटौदी परिवार में अंतर धार्मिक विवाह के लिए महिलाओं को इस्लाम धर्म कबूल करना पड़ता था।
सैफ के माता पिता शर्मिला टैगौर और मंसूर अली पटौदी का 1969 में पारंपरिक तरीके से निकाह हुआ था। रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार से ताल्लुक रखने वाली शर्मिला ने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम आयशा बेगम रख लिया था। इसी तरह 1991 में सैफ की अमृता सिंह के साथ पहली शादी मुस्लिम रीति रिवाज से हुई थी। सिख परिवार में पली बढ़ी अमृता ने शादी से पहले धर्म परिवर्तन कर लिया था।
आपको बताते चलें कि पटौदी महल में शादी की तैयारियां जोर ओ शोर से शुरू हो गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महल के कुछ हिस्सा का पुननिर्माण कराया जा रहा है। वहीं सूत्रों ने ये भी बताया कि सैफ की मां शर्मिला लंदन में हैं जो 20 जुलाई को वापस हिन्दुस्तान आ रही हैं और उनके आने के बाद ही शादी के लिए आगे की तैयारी होगी।


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