मैं आईटम नंबर करना चाहती हूं: करीना कपूर

गौरतलब है कि फिल्मों और आईटम नंबर में बढ़ती अश्लीलता के मद्देनजर सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) का कहना है कि अब इस प्रकार के गानों पर खास नजर रखी जाएगी कि गाने में कहीं अश्लीलता तो नहीं है। इन गानों की ग्रेडिंग बेहतर ढंग से की जाएगी। सेंसर बोर्ड किसी भी फिल्म को यू(यूनीवर्स), ए (वयस्क) और यू ए प्रमाण पत्र देता है। सेंसर बोर्ड का मानना है कि फिल्मों से अधिक धन कमाने के उद्देश्य के चलते अब ज्यादा अश्लीलता परोसी जाती है।
करीना का कहना है कि 'शीला की जवानी, और 'फेविकोल से' जैसे गाने लोगों को काफी पसंद आते हैं और जब यह कहीं भी बजते हैं तो सभी इसे इंज्वाय करते हैं। अत: मैं भी इसका हिस्सा बनकर खुश हूं। एक समारोह के उद्धाटन में आयी करीना का कहना है कि मैं इस फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं और गर्व महसूस करती हूं।


Click it and Unblock the Notifications