''कुछ कुछ होता है' में बहुत सी कमियां थीं, शबाना आज़मी ये फिल्म देखकर बहुत नाराज़ हुई थीं'
करण जौहर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' ब्लॉकबस्टर रही थी। 1998 में आई यह फिल्म खासकर युवाओं को बेहद पसंद आई थी। यह शाहरुख- काजोल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल है। लेकिन हाल ही में करण जौहर ने इस फिल्म पर बात करते हुए कहा कि, कुछ कुछ होता है में काफी कमियां थीं। फिल्म को देखकर शबाना आजमी काफी नाराज भी हो गई थीं।
मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव में करण जौहर ने बतौर डायरेक्टर अपनी डेब्यू फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के बारे में माना कि उन्होंने इस बात का ध्यान नहीं रखा था कि फिल्म में महिलाओं का चित्रण नैतिक रूप से सही है कि नहीं।

उन्होंने कहा- कुछ कुछ होता है राजनीतिक रूप से सबसे गलत फिल्म थी। मुझे याद है कि शबाना आजमी ने यूके में कहीं फिल्म देखी और फिर मुझे फोन किया। वो हक्की-बक्की थीं और बेहद नाराज़ थीं। उन्होंने कहा- 'तुमने ये क्या दिखाया है? उस लड़की के छोटे बाल हैं इसलिए वह आकर्षक नहीं है और जब उसके बाल लंबे हैं तो वो सुंदर है।' मैंने कहा कि मुझे खेद है.. तो उन्होंने कहा- 'क्या! तुम्हें बस इतना ही कहना है।' मैंने कहा- हां, क्योंकि मुझे पता है कि आप जो कह रही हैं, वह सही है।"
करण जौहर ने कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, कभी अलविदा ना कहना, माई नेम इज खान, स्टूडेंट ऑफ दि ईयर और ए दिल है मुश्किल जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।
करण ने माना कि उन्हें अपनी पहली फिल्म की कमियों का अहसास बहुत बाद में हुआ और तब से अपनी फिल्मों के लिए उन्होंने काफी मजबूत पात्र लिखे हैं, जिनमें भावनात्मक गहराई होती है, सहानुभूति होती है और जिनका चित्रण कोई गलत संदेश नहीं देता।


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