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प्रिय सैफ अली खान आपकी बेवकूफी भरी चिट्ठी का 100 टका जवाब आया है

Written By: Shweta
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कल की ही बात है जब सैफ अली खान ने नेपोटिज्म पर एक ओपन लेटर लिखा था और अपनी बात सामने रखने की कोशिश की थी। उन्होंने कंगना का आईफा में मजाक उड़ाए जाने से लेकर नेपोटिज्म, स्टार किड्स पर अपना पक्ष रखा था और कहा था कि कंगना से उन्होंने माफी मांग ली और किसी को जवाब देना उचित नहीं समझते।

[प्रिय सैफ अली खान..आप जो कह रहे हैं सही है..पर अब काफी देर हो गई है ]

जाहिर है हर किसी को पता था ये कि ये ओपन लेटर मामले को बस यही किसी तरह खत्म करने के लिए लिखा गया है और बड़ी आसानी से हर बात का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया चाहे। लेकिन लेटर लिखते वक्त शायद सैफ अली खान को नहीं याद था कि इस मामले से कंगना रनौत जुड़ी हुई हैं। वहीं कंगना जिनसे निडर और बेबाक बॉलीवुड में शायद ही कोई हो। 

kangana-ranaut-writes-daring-open-letter-against-nepotism

सैफ अली खान के ओपन लेटर के बाद अब कंगना रनौत ने भी एक ओपन लेटर लिखा है और सबकी धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। उन्हें हर प्वाइंट पर अपनी बात रखी है और उसे शानदार तरीके से समझाया भी है। कंगना रनौत ट्विटर पर #KanganaRanautOpenLetter ट्रेंड भी कर रहा है। कंगना रनौत के इस ओपन लेटर की हर कोई ट्विटर पर तारीफ कर रहा है।

Kangana Ranaut reacts STRONGLY to reporter's NEPOTISM question; Watch Video | FilmiBeat

देखिए क्या लिखा है कंगना रनौत ने और कमेंट जरूर करें कि इसपर आपकी क्या राय है।  

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

नेपोटिज्म पर होने वाले विचारों का आदान प्रदान काफी तंग करने वाला है लेकिन हेल्दी है। मैं कई बार इसके अलग अलग पहलुओं को इंज्वॉय करती हूं लेकिन कुछ नए पहलु आए हैं जिससे मैं काफी डिस्टर्ब हुई हूं। मैं आज सुबह उठी और देखी कि इंटरनेट पर एक ओपन लेटर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है जिसे सैफ अली खान ने लिखा है। आखिरी बार जब करण जौहर ने इस मुद्दे पर ब्लॉग लिखा तो मैं काफी दुखी हुई थी और एक इंटरव्यू में कहा भी था कि फिल्म बिजनस को में आगे बढ़ने के कई और भी रास्ते हैं, और टैलेंट उनमें से एक है। मुझे नहीं पता कि उन्हें जानकारी नहीं है या एक सीधी सादी बात थी लेकिन इस बयान से मि.दिलीप कुमार, मि. के असिफ, मि. बिमल रॉय, मि.सत्यजीत रे, मि,गुरूदत्त और कई ऐसे टैलेंट हैं जिनके असाधारण टैलेंट ने फिल्म के योगदान का अपमान जरूर हुआ।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

आज के समय में भी कई ऐसे उदाहरण हैं जहां बार बार ये साबित किया जाता है कि ब्रांडेड कपड़े, बोलने का पॉलिश किया लहजा, कड़ी मेहनत, सीखने की ललक और मानव आत्मा की विशाल शक्ति मायने रखती है। मेरे प्रिय मित्र सैफ अली खान ने भी एक चिट्ठी लिखी है अब मैं भी अपने विचार साझा करना चाहती हूं। मैं लोगों से अनुरोध करना चाहती हूं कि इसे एक दूसरे के विरोधी नजरिये से ना देखें। ये सिर्फ विचारों के हेल्दी आदान-प्रादान का तरीका ना कि एक दूसरे के बीच किसी तरह का टकराव। सैफ, आपने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि "मैंने कंगना से माफी मांगी है और मुझे इसके बाद किसी को भी किसी तरह का स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है।" लेकिन ये सिर्फ मेरा मुद्दा नहीं है। नेपोटिज्म एक ऐसी प्रैक्टिस है जहां लोग बौद्धिक विचारों की जगह मानवीय भावनाओं को तरजीह देते हैं।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

जो व्यवसाय मानवीय भावनाओं से चलाए जाते हैं ना कि अच्छी मूल्यों के साथ वो भी हो सकता है खूब मुनाफा कमाएं। हालांकि वो असल में बहुत अधिक फायदेमंद नहीं हो सकते और 1.3 अरब से अधिक लोगों के राष्ट्र में तो बिल्कुल भी नहीं। कई लेवल पर नेपोटिज्म निष्पक्षता और तर्कों के परीक्षण में विफल होता है। मैंने इन मूल्यों को उन लोगों से पाया है जिन्होंने मुझसे पहले अपने जीवन में अपार सफलता और सत्य की खोज की है।ये सभी सार्वजनिक डोमेन में हैं और इनपर किसी का कॉपीराइट नहीं है।

विवेकानंद, आइंस्टिन और शेक्सपियप जैसी महान हस्तियां चुनिंदा लोगों के लिए नहीं थे। वो सामुहिक मानवजाति के लिए थे। उनके कार्यों ने हमारे भविष्य को आकार दिया और हमारे कार्य हमारे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देंगे।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

आज मैं इस काबिल हूं कि इन मूल्यों को अपनी इच्छाशक्सि से पालन करूं लेकिन कल हो सकता है मैं फेल भी हो जाऊं और अपने ही बच्चों को स्टारडम के सपनों के बारे में ना समझा सकूं। उस स्थिति में मेरा मानना है कि मैं खुद एक व्यक्ति के रूप में विफल मानूंगी लेकिन मूल्य कभी विफल नहीं होंगे वो हमारे चले जाने के बाद भी मजबूती से उनके साथ रहेंगे।
इसलिए हम उन्हें जो इन मुल्यों का पालन करता हैं या करना चाहते हैं उन्हें स्पष्टीकरण देते हैं। जैसा कि मैंने कहा कि हमारे कार्य आने वाले पीढियों के भविष्य को आकार देंगे।
अपनी चिट्ठी के एक और हिस्से में आपने अनुवांशिकता और स्टार के बीच संबंध की बात की है जहां आपने कहा है कि tried and tested genes पर ये एक निवेश की तरह है। मैंने अपनी जिंदगी के कई साल जेनेटिक्स को पढ़ने और समझने में लगाया है लेकिन मुझे ये समझ नहीं आया कि आप जीन को मिलाकर हाइब्री़ड रेस के घोड़ों की तुलना कलाकार से कैसे कर सकते हैं।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

क्या आप ये कह रहे हैं कि कलात्मक कौशल, कठोर परिश्रम, अनुभव, एकाग्रता, उत्साह, उत्सुकता, अनुशासन और प्यार, परिवार जीन के माध्यम से विरासत में प्राप्त किया जा सकता है? अगर आपकी बात सही है तो मैं आज अपने घर में एक किसान होती। मुझे समझ नहीं आता कि मेरे जीन पूल में से किस जीन ने मुझे पर्यावरण को समझने की उत्सुकता को बढ़ाया।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

आप यूजीनिक्स के बारे में भी बात करते थे - जिसका अर्थ है मानव जाति के प्रजनन को नियंत्रित करना। अब तक, मुझे विश्वास है कि मानव जाति ने डीएनए नहीं पाया है जो महानता और उत्कृष्टता को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे ले जाए। यदि ऐसा होता है, तो हम आइंस्टीन, दा विंची, शेक्सपियर, विवेकानंद, स्टीफन हॉकिंग, टेरेंस ताओ, डैनियल डे-लुईस, या गेरहार्ड रिक्टर की महानता को दोहराना पसंद करेंगे।
आपने ये भी कहा कि इसके पीछे मीडिया जिम्मेदार और यही नेपोटिज्म का झंड़ा लहराती है। यह अपराध की तरह लग रहा है और सच्चाई से कोसों से दूर है। नेपोटिज्म मानवीय स्वभाव की कमजोरी है।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कभी कभी हम अच्छा करते हैं तो कभी कभी हम अच्छा नहीं करते हैं। कोई किसी के सिर पर बंदूक नहीं रख रहा इसलिए किसी के विक्लपों पर बचाव करने की जरूरत नहीं है।
वास्तव में, इस विषय पर मेरी सभी बातों का सबटेक्स्ट बाहरी लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए है कि इस रास्ते को ना अपनाएं। धमकी, ईर्ष्या, नेपोटिज्म सभी इस इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, जो किसी भी अन्य की इंडस्ट्री में है।अगर आपको मुख्य धारा में इसकी स्वीकृति नहीं भी मिलती है तो एक काम को करने के कई तरीके हैं।
विशेषाधिकार प्राप्त लोग कों इस बहस में जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि वो भी इसी सिस्टम का हिस्सा है जो चेन रिएक्शन के आसपास सेट है। परिवर्तन केवल उन लोगों की वजह से हो सकता है जो इसे चाहते हैं। यह सपने देखने वालों का विशेषाधिकार है।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

आप बिल्कुल सही हैं कि लोगों के मन में अमीर और पॉपुलर लोगों की जिंदगी को लेकर काफी एक्साइटमेंट रहती है लेकिन हमारी क्रिएटिव इंडस्ड्री को ये प्यार देशवासियों से मिलता है क्योंकि हमको को खुद के जैसा देखते हैं - चाहे वो ओमकारा से लंगड़ा त्यागी हो या क्वीन से रानी। हम जब साधारण चीजों को असाधारण तरीके से दिखाते हैं तो उसे लोगों का प्यार मिलता है।

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

कंगना का नेपोटिज्म पर खुला खत

तो क्या हमें नेपोटिज्म के साथ शांति स्थापित कर लेना चाहिए? जिन्हें लगता है कि ये उनके लिए लाभदायक है वो इसके साथ शांति स्थापित कर सकते हैं। लेकिन मेरी राय में तीसरी दुनिया के लिए ये एक काफी निराशावादी एट्टिट्यूड है जहां कई लोग की पहुंच भोजन, आश्रय, वस्त्र और शिक्षा तक भी नहीं है।वह दुनिया एक आदर्श स्थान नहीं है, और यह कभी नहीं हो सकता है यही कारण है कि हमारे पास कला का उद्योग है एक तरह से, हम आशा के ध्वजवाहक हैं।

English summary
Kangana Ranaur writes daring open letter against Nepotism.
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