राम मंदिर जाने के लिए इस डिजाइनर ने कंगना रनौत को नहीं दी साड़ी, बोलीं- मैं कार में बैठकर रोई.. उल्टी आती है..
Kangana Ranaut On Masaba Gupta: एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने एक पुरानी घटना को याद करते हुए फैशन इंडस्ट्री में भेदभाव का आरोप लगाया है। कंगना का कहना है कि यह अनुभव इतना तकलीफदेह था कि आज भी उन्हें अंदर तक परेशान करता है।

कंगना ने पहले इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के जरिए इस घटना का जिक्र किया और फिर शनिवार शाम को अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर विस्तार से अपनी बात रखी। उनके खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
क्या है पूरा मामला
कंगना के मुताबिक, जिस दौर में उनकी फिल्म तेजस रिलीज़ होने वाली थी, उसी समय वह राम जन्मभूमि दर्शन के लिए जाना चाहती थीं। उसी स्टाइलिस्ट से उन्होंने मदद मांगी, जो उन्हें फिल्म प्रमोशन के लिए स्टाइल कर रही थी। उस दौरान उन्होंने एक नामी डिजाइनर की साड़ी पहनी थी।
कंगना का दावा है कि डिजाइनर ने शुरुआत में प्रमोशन के लिए कपड़े भेजे थे, लेकिन जैसे ही यह बताया गया कि वह राम जन्मभूमि दर्शन के लिए जा रही हैं, स्टाइलिस्ट को उन कपड़ों का इस्तेमाल न करने के लिए कह दिया गया।
Designers get very excited whenever their brands get seen on celebrities, have you seen Masaba or her brand handles use these images ? These images were all over the Internet. Can you explain why won’t she use these images or why won’t the stylist tag her?
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) January 17, 2026
Those days Tejas was…
'यह भेदभाव सबसे ज्यादा चुभा'
कंगना ने लिखा कि आमतौर पर जब सेलेब्रिटीज किसी डिजाइनर का आउटफिट पहनते हैं, तो डिजाइनर और उनके ब्रांड उसे गर्व से शेयर करते हैं। लेकिन इस मामले में न तो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया और न ही ब्रांड को टैग करने की अनुमति दी गई।
उन्होंने बताया कि स्टाइलिस्ट इस स्थिति से इतनी शर्मिंदा थीं कि उन्होंने चुपचाप कंगना से कहा कि डिजाइनर या ब्रांड का नाम न लिया जाए। इतना ही नहीं, साड़ी के पैसे भी स्टाइलिस्ट ने अपनी जेब से चुका दिए थे।
'कार में बैठकर रोई थी'
कंगना के अनुसार, जब तक उन्हें पूरी सच्चाई का पता चला, तब तक वह लखनऊ से अयोध्या के लिए निकल चुकी थीं और कपड़े बदलना संभव नहीं था। उन्होंने लिखा कि उस वक्त उन्हें गहरा अपमान और मानसिक पीड़ा महसूस हुई और वह चुपचाप कार में बैठकर रोईं।
कंगना ने इस अनुभव को नफरत, कड़वाहट और पूर्वाग्रह से जोड़ते हुए कहा कि यह सोचकर आज भी उन्हें घिन जैसा एहसास होता है।
इंडस्ट्री पर सवाल
अपने बयान में कंगना ने यह भी इशारा किया कि कुछ लोग केवल चुनिंदा विचारधाराओं या "खास जॉनर" के लिए ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही कई स्टाइलिस्ट और डिजाइनरों ने उन्हें अपने सोशल मीडिया से दूर रखा हो, लेकिन यह घटना उनके लिए सबसे ज्यादा तकलीफदेह रही।
कंगना रनौत का यह बयान एक बार फिर फिल्म और फैशन इंडस्ट्री में विचारधारा, पक्षपात और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर बहस छेड़ता नजर आ रहा है।


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