कंगना रनौत मे शेयर की Fake News, स्टार्स की पत्नियों पर निकाली भड़ास, इस बार बुरी फंसी एक्ट्रेस

Kangana Ranaut Posted Fake News: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय पोस्ट करती दिखाई देती हैं। इसके साथ ही एक्ट्रेस बॉलीवुड हो या राजनीति तमाम स्टार्स के खिलाफ मोर्चा खोले रहती है। हालांकि एक्ट्रेस इस बार एक फेक न्यूज़ शेयर कर काफी बुरी फंस गई हैं।
कंगना ने हाल ही में पारित एंटी-चीट बिल पर एक फनी पोस्ट फिर से शेयर किया है। दरअसल, कई परीक्षाओं में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा विधेयक फरवरी में लोकसभा में पारित किया गया था, जिसका फेक स्क्रीनशॉट कुछ और लिखकर वायरल हो रहा है। कंगना ने जो पोस्ट शेयर किया था, उसमें एक ट्विस्ट दिया गया और रिश्तों में मौजूद धोखाधड़ी के बारे में बात की गई। कंगना ने वही फेक पोस्ट शेयर कर दिया।
कंगना रनौत ने फनी एंटी-चीट बिल पोस्ट को 'असली खबर' समझ लिया और रविवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर इसे 'सबसे जरूरी बिल' बताकर शेयर कर दिया। उन्होंने 'स्टार वाइफ्स' पर भी कटाक्ष किया और बताया कि उन्हें इस बिल के लिए सरकार को कैसे धन्यवाद देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कुछ घंटों बाद अपनी पोस्ट हटा दी। वायरल फेक नोट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए, कंगना ने लिखा था, 'अहम अहम, राम राज्य में आपका स्वागत है, सभी स्टार्स की पत्नियां इस सरकार को धन्यवाद दे सकती हैं।'
एक्ट्रेस ने यह भी कहा, 'युवा कमजोर महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह सबसे जरूरी बिल था, जो डेटिंग और हुकअप ऐप्स के युग में गलत करते हुए शादी के फर्जी वादों और यहां तक कि शादी की संस्था की पवित्रता के लिए भी फंस जाती हैं। ये सब तुच्छ, असंगत और बस विकृत हो गया है, इसके बाद वे जेल में कुछ रिमांड और करोड़ों का जुर्माना देखर छूट जाते हैं।'
बता दें कि, जिस पोस्ट को कंगना ने शेयर किया उसमें लिखा है, 'एक अभूतपूर्व कदम में, लोकसभा ने हाल ही में एंटी-चीट बिल पारित किया है, जो भारत में रिश्तों के आसपास के कानूनी परिदृश्य में एक जरूरी बदलाव का संकेत देता है। यह कानून रिश्तों में धोखाधड़ी करते हुए पकड़े गए लोगों के लिए कठोर दंड लगाता है। 10 साल की कैद की कड़ी सजा और 1 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना। इस कदम का उद्देश्य रोमांटिक रिश्तों में शामिल लोगों की भावनात्मक भलाई से संबंधित चिंताओं को दूर करना है और मानसिक स्वास्थ्य पर बेवफाई के प्रभाव की बढ़ती समस्या को दूर करना है।' लेकिन बता दें कि ये नोट फेक है।
ये असल में एक परीक्षा को लेकर किया गया बदलाव था, जिसमें सार्वजनिक परीक्षा विधेयक, 2024, परीक्षाओं के बारे नें लिखा गया है।


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