81 साल की महिंदर कौर ने ठुकराई कंगना रनौत की माफी, महिला ने सुनाई खरी-खोटी, वजह जानकर चौंक जाएंगे!

Kangana Ranaut Defamation Case: एक्ट्रेस से नेता बनी कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वो एक मामले में कोर्ट के चक्कर लगा रही हैं, हाथ जोड़कर माफी भी मांग रही हैं लेकिन एक बुजुर्ग महिला ने कसम खा ली है कि वो किसी भी हाल में कंगना को माफ नहीं करने वाली हैं।
दरअसल, कंगना ने 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान किए गए अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पंजाब की एक बुजुर्ग किसान महिला से माफी मांगी है।
बुजुर्ग किसान महिला से मांगी माफी
सोमवार को कंगना रनौत को इस मामले में जमानत मिल गई। यह केस 81 साल की किसान कार्यकर्ता महिंदर कौर ने 2021 में कंगना के खिलाफ दर्ज कराया था। हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना ने अदालत में कहा कि उनके ट्वीट को गलत समझा गया था और उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था।
दरअसल, कंगना ने किसान आंदोलन के वक्त एक पोस्ट में लिखा था- 'ऐसी औरतें 100 रुपये लेकर आंदोलन में बैठ जाती हैं।' यह पोस्ट वायरल हो गई थी और लोगों ने उनकी खूब आलोचना की थी।
हालांकि, महिंदर कौर ने कंगना को माफ करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा- 'वो बड़ी एक्ट्रेस और नेता हैं, जबकि मैं एक साधारण किसान औरत हूं। लेकिन उन्होंने मुझे इस उम्र में कोर्ट तक आने पर मजबूर कर दिया। मैं उन्हें माफ नहीं करूंगी।'
कौर की तबीयत खराब होने की वजह से वो खुद अदालत नहीं पहुंच पाईं। उनके पति लभ सिंह ने कोर्ट में उनकी ओर से पेशी दी। उन्होंने कहा कि कंगना को यह समझना चाहिए कि उनके आने-जाने से सरकार को खर्च और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
कंगना ने दी सफाई
अदालत में कंगना ने कहा- 'मेरे ट्वीट की वजह से गलतफहमी हुई थी। मेरा मकसद कभी भी किसी मां या बुजुर्ग महिला का अपमान करना नहीं था। हर मां मेरे लिए आदरणीय है, चाहे वो पंजाब की हों या हिमाचल की।' उन्होंने बताया कि उन्होंने महिंदर कौर के परिवार को भी इस बारे में समझाया है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब कंगना ने गलती से महिंदर कौर को बिलकिस बानो समझ लिया था। जो 2020 के शाहीन बाग आंदोलन के दौरान चर्चा में थीं। उस समय कंगना ने ट्वीट कर कहा था कि 'यह वही औरत हैं जो 100 रुपये लेकर हर आंदोलन में बैठ जाती हैं।'
इस बयान के बाद कंगना के खिलाफ देशभर में विरोध शुरू हो गया। जनवरी 2021 में महिंदर कौर ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाया था।
किसान आंदोलन के बारे में
आपको बता दें, 2020 में केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून पारित किए थे, जिनके खिलाफ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसानों ने करीब एक साल तक दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन किया था। उसी दौरान यह पूरा विवाद शुरू हुआ था।


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